गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को गोरखपुर में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित शिक्षा मित्र सम्मान समारोह में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने स्पष्ट आह्वान किया कि अब ट्रेड यूनियन वाली सोच और नकारात्मक वृत्ति को पूरी तरह त्याग देना होगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षक या शिक्षा मित्र अगर केवल मांगों पर अड़े रहेंगे और नकारात्मक सोच रखेंगे, तो वे न केवल बच्चों की नींव कमजोर करेंगे बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की पुण्य क्षति कर देंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा नेचर ट्रेड यूनियन जैसा नहीं हो सकता. पहले देश, फिर हम. सकारात्मक भाव के साथ कार्य करने वाले ही अच्छी पीढ़ी तैयार कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का अपने आपसे कॉम्पिटिशन होना चाहिए. सरकार सकारात्मक सोच के साथ आपके साथ पूरी तरह खड़ी है, इसलिए नकारात्मक भाव बिल्कुल नहीं आने चाहिए.
संवाद और सहयोग से किया समय का समाधान: मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से चली आ रही आपकी मांग को सरकार ने संवाद और सहयोग के माध्यम से हल किया है, न कि टकराव के रास्ते से. उन्होंने पिछली सरकारों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने बिना नियम-कानून के सहायक शिक्षक के रूप में मान्यता देने का कुत्सित प्रयास किया, जो पूरी तरह नियम-विरुद्ध था. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गलती के कारण सभी शिक्षा मित्रों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश दे दिया था. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सामने बड़ी चुनौती थी. डेढ़ लाख परिवार भूखों मरने की नौबत पर आ सकते थे. इन्होंने 18-19 वर्षों तक सेवा दी है. उम्र के इस पड़ाव में ये कहां जाते? हमने मंत्रिमंडल में फैसला किया कि इनकी सेवाएं समाप्त नहीं करेंगे, बल्कि इनका सहयोग लेंगे. उन्होंने याद दिलाया कि 2017 में ही सरकार ने शिक्षा मित्रों का मानदेय साढ़े तीन हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया था. अब और वृद्धि करते हुए इसे 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जो अप्रैल महीने से लागू हो गया है.
स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर: मुख्यमंत्री ने बताया कि आज सुबह जनता दर्शन कार्यक्रम में एक शिक्षा मित्र परिवार आया था, जिसकी बेटी गंभीर रूप से बीमार है. उसकी डायलिसिस की व्यवस्था की मांग पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संवेदना जताई और फैसला किया कि शिक्षा मित्रों को भी प्रधानमंत्री कैशलेस स्वास्थ्य कवर की सुविधा दी जाएगी. उन्होंने कहा कि 5 लाख रुपये का सालाना कैशलेस स्वास्थ्य कवर सभी शिक्षा मित्रों को उपलब्ध कराया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी छूटे होंगे, उन्हें भी यह सुविधा दी जाएगी. बेसिक शिक्षा परिषद को तत्काल जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं. बहुत शीघ्र एक भव्य समारोह आयोजित कर सभी को यह कार्ड प्रदान किया जाएगा.
बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पैसा चेक या नकद नहीं, सीधे बैंक खाते में जाएगा. उन्होंने बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिए कि तत्काल किसी बैंक से समन्वय स्थापित कर सभी शिक्षा मित्रों के खाते खुलवाए जाएं. इससे न केवल मानदेय आएगा, बल्कि 5 लाख से 10 लाख तक का बीमा कवर भी मिलेगा, ताकि कोई दुर्घटना या घटना होने पर परिवार सुरक्षित रहे. मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि सरकार ने शिक्षा मित्रों के लिए यह भी व्यवस्था की है कि उन्हें उनके जिले और नजदीकी विद्यालय में तैनाती दी जाए. खासकर शादीशुदा महिला शिक्षा मित्रों को मायके या ससुराल के निकट विद्यालय में म्यूचुअल ट्रांसफर की सुविधा दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि तत्काल इस समस्या का समाधान निकाला जाए.
शिक्षा क्रांति का जिक्र: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने भावुक होकर कहा कि एक बच्चे का स्कूल छोड़ना केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय क्षति है. पहले बालिकाएं इसलिए स्कूल नहीं जाती थीं क्योंकि वहां पेयजल, अलग टॉयलेट और सुरक्षा नहीं थी. आज 1 करोड़ 60 लाख बच्चों को दो यूनिफॉर्म, बैग, बुक्स, जूते, मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. निपुण भारत, पीएम श्री, कस्तूरबा विद्यालय आदि योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कस्तूरबा गांधी विद्यालय को अब 12वीं तक बढ़ाया गया है और नए विकास खंडों में रेजिडेंशियल स्कूल खोले जा रहे हैं. पीएम श्री, अटल टिंकरिंग लैब, सीएम कंपोजिट और अटल आवासीय विद्यालय मॉडल बन रहे हैं.योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाया गया है और यह परिवर्तन साफ दिख रहा है. ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों की हालत बदली गई है. पहले जहां टॉयलेट, पेयजल, फ्लोरिंग, फर्नीचर और स्मार्ट क्लास की उपलब्धता मात्र 30-36% थी, वह अब 96-99% हो गई है. ड्रॉपआउट दर 19% से घटकर 3% पर आ गई है.
शिक्षा मित्रों से अपील: मुख्यमंत्री ने शिक्षा मित्रों से आग्रह किया कि जुलाई के पहले सप्ताह में स्कूल खुलते ही ‘स्कूल चलो’ अभियान को तेज करें. शिक्षक आधा घंटा पहले स्कूल पहुंचें, 25-25 घरों में जाकर अभिभावकों से बात करें. बच्चों को प्यार से पढ़ाएं, कभी मारपीट न करें. अभिभावकों को भी जागरूक करें कि दी गई यूनिफॉर्म, स्वेटर आदि का सही उपयोग हो. उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ प्यार से व्यवहार कीजिए. अच्छी कहानियां, कविताएं और उदाहरण देकर उन्हें प्रेरित कीजिए. परिवार की खींचतान स्कूल तक नहीं लाइए. मुख्यमंत्री ने समारोह के अंत में 1,43,000 शिक्षा मित्रों को बधाई दी और कहाकि आप लगन, ईमानदारी और सकारात्मकता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें. शिक्षित समाज ही सशक्त राष्ट्र बनाएगा. यहीं से विकसित और आत्मनिर्भर भारत की नींव पड़ेगी.
मुख्यमंत्री ने शिक्षा मित्रों का किया सम्मान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस समारोह में चयनित शिक्षा मित्रों को अपने करकमलों से सम्मानित किया और उन्हें बड़े हुए मानदेय का चेक भी प्रदान किया. इनमें संगीता (गोरखपुर), प्रतिमा गुप्ता (गोरखपुर), फारिया तबस्सुम (गोरखपुर), तेजभान सिंह (कासगंज), धीरेंद्र कुमार शर्मा (फिरोजाबाद), संजय (महाराजगंज), शशि प्रभा सिंह (महाराजगंज), अभय कुमार (देवरिया), सुमन लता देवी (देवरिया), सर्वेश कुमार पांडे (कुशीनगर), अनुराधा (कुशीनगर), लालता प्रसाद (बस्ती), सोनू यादव (संत कबीर नगर) और मीरा (गोरखपुर) शामिल रहे.
अरुणोदय कैलेंडर का किया विमोचन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान ‘विद्यार्थी नेतृत्व आधारित प्रार्थना सभा गतिविधि कैलेंडर अरुणोदय’ का विमोचन किया. इस कैलेंडर का उद्देश्य प्रार्थना सभा को मात्र रूढ़िगत गतिविधि से ऊपर उठाकर विद्यार्थियों के समग्र विकास का माध्यम बनाना है. इसमें पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विज्ञान, गणित, भाषीय कौशल, परस्पर संवाद, विचार अभिव्यक्ति, रोल प्ले, एक्शन गीत तथा कला-क्राफ्ट जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है, ताकि बच्चे प्रार्थना सभा के दौरान ही सीख सकें और नेतृत्व गुणों का विकास कर सकें. इस कैलेंडर का विमोचन कर मुख्यमंत्री ने प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को एक बेहतरीन मार्गदर्शक उपलब्ध कराया. इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने कई बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया और महिलाओं को उपहार प्रदान किए. मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा से संबंधित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया.
इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग के मंत्री संदीप सिंह, गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायकगण विपिन सिंह, महेंद्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ला, राजेश त्रिपाठी, विमलेश पासवान, श्रवण निषाद, उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग चारु चौधरी, क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, राजेश गुप्ता, अपर मुख्य सचिव शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, महानिदेशक मोनिका रानी व अन्य लोग उपस्थित रहे.