आगरा: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का फोकस युवाओं को रोजगार के साथ ही उद्यमी बनाने पर है. योगी सरकार ने कृषि की पढ़ाई करने वाले युवाओं को उद्यमी बनाने की ‘प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन (एग्रीजंक्शन) योजना’ शुरू की है. जिससे कृषि स्नातकों को स्वरोजगार दिया जा रहा है.
इसके साथ ही कृषि स्नातकों को कृषि आधारित व्यवसाय जैसे कृषि यंत्र, खाद, बीज और अन्य का व्यवसाय शुरू करने में आर्थिक मदद के साथ ही फ्री में लाइसेंस भी दिया जा रहा है.
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने ईटीवी भारत से बातचीत में प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन (एग्रीजंक्शन) योजना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह योजना स्नातक अच्छी कमाई की है. हर जिले में सरकार ने लक्ष्य तय कर दिया है. जिससे कृषि स्नातकों को अपने पैरों में खडा किया जाए.
केंद्र की पीएम मोदी सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. आत्मनिर्भर भारत, स्किल इंडिया और अन्य रोजगार परक योजाएं संचालित की जा रही हैं.
केंद्र की मोदी सरकार की तरह यूपी की योगी सरकार का पूरा फोकस बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने और आत्मनिर्मर बनाने पर ही है.
योगी सरकार ने कृषि स्नातकों को रोजगार से जोड़ने और उद्यमी बनाने की ‘प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन (एग्रीजंक्शन) योजना’ शुरू की है. जिससे जहां कृृषि स्नातकों को रोजगार के साथ ही उद्यमी बनाने पर जोर दिया जा रहा है. इसके साथ ही किसानों को खेती में खाद, बीज और अन्य का सही मार्गदर्शन भी मिलेगा.
योगी सरकार की एग्रीजंक्शन योजना’
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि खेती के लिए सबसे ज़रूरी किसानों को समय पर खाद और बीज की उपलब्धता होती है. इसके साथ्र ही यदि खाद और बीज उपलब्धता के साथ ही इसकी सही डोज की जानकारी भी किसान को मिले तो उर्वरकों का बेतहाशा उपयोग कम होगा और खेती में लागत भी कम आएगी. जिससे किसान की आमदनी अधिक होगी.
यूपी सरकार इसके साथ ही कृषि स्नातक बेरोजगारों को रोजगार देने को ‘प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन (एग्रीजंक्शन) योजना’ लेकर आई है. जिससे कृषि स्नातकों को बेहतर उद्यमी बनाने पर जोर है.
फ्री लाइसेंस और अच्छी कमाई
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि ‘प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन (एग्रीजंक्शन) योजना’ में कृषि स्नातकों को पहले फ्री में खाद, बीज और कीटनाशक बेचने का लाइसेंस दिया जाता है. जिससे वो घर बैठे ही एग्रीजंक्शन योजना से छप्पर फाड़ कमाई कर सकते हैं.
इसमें एग्रीं जंक्शन केंद्र या वन स्टॉप शॉप खोल सकते हैं. जहां पर खाद, बीज और कीटनाशक बेच सकते हैं. जिन्हें बेचकर जहां कृषि स्नातक बेहतर कमाई कर सकेंगे. इसके साथ ही किसानों को भी एग्रीजंक्शन से खाद, बीज और कीटनाशक के बारे में सही जानकारी मिल सकेगी. क्योंकि, कृषि स्नातक चार साल कृषि की पढाई करते हैं.
पांच लाख रुपये तक का ब्याज रहित लोन
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से हर जिले में ‘प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन (एग्रीजंक्शन) योजना’ के लिए लक्ष्य निर्धारित किया जाता है. इस योजना में शामिल होने के लिए कृषि स्नातकों को आवेदन करना होगा. जिसके बारे में हर जिले में कृषि विभाग की ओर से सूचना जारी की जाएगी.
इस सूचना के आधार पर आवेदन करना होगा. जिसमें एग्रीं जंक्शन केंद्र या वन स्टॉप शॉप के साथ ही कृषि स्नातक फूड प्रोसेसिंग में फलों-सब्जियों से जैम, अचार, चटनी बनाना या गन्ने के उत्पाद, जैविक खेती, वर्मीकम्पोस्ट, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, डेयरी व्यवसाय के लिए पांच लाख रुपये तक का ब्याज रहित लोन भी ले सकते हैं. जिससे कृषि स्नातकों की अच्छी कमाई कर सकते हैं.