वाराणसी: काशी अब ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण के खिलाफ जंग में आधुनिक तकनीक का सहारा लेगी. नगर निगम ने शहरवासियों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए राहत सिस्टम’ और स्कूलों में ‘कूल रूफ’ जैसी योजनाओं को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है. अब प्रमुख चौराहों पर यह राहत सिस्टम लगेगा, जो शहर की तापमान को लगभग 10 फीसदी कम करेगा.
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर के प्रमुख स्थलों और चौराहों (मैदागिन, गोदौलिया, लहुराबीर, वरुणा पुल) पर ‘राहत सिस्टम’ (मिस्ट गन) लगाने का प्रस्ताव है. यह नवीन वायुमंडलीय प्रणाली विशेष द्रव को सूक्ष्म कणों में बदलकर वातावरण में फैलाती है, जिससे भीषण गर्मी में तापमान को दस से 12 डिग्री सेल्सियस तक कम किया जा सकता है. गौशालाओं में इसे लगाने का काम शुरू भी हो चुका है.
उन्होंने बताया कि निगम ने स्कूलों और मलीन बस्तियों को गर्मी से बचाने के लिए ‘कूल रूफ कोटिंग’ का निर्णय लिया है. जेपी मेहता इंटर कॉलेज से शुरू हुई इस योजना को 100 विद्यालयों तक विस्तारित किया जाएगा. यह विशेष रिफ्लेक्टिव पेंट सूर्य की किरणों को परावर्तित कर छतों को ठंडा रखेगा.
फ्लाईओवर के नीचे बनेगा पर्यटन हब: हिमांशु नागपाल ने बताया कि लहरतारा-चौकाघाट फ्लाईओवर के नीचे का क्षेत्र अब अतिक्रमण नहीं बल्कि खूबसूरती के लिए जाना जाएगा. 13 करोड़ की लागत से यहां पाथ-वे, हरियाली और डॉरमेट्री का निर्माण आठ से नौ माह में पूरा कराने का लक्ष्य है. इसके साथ ही, मैदागिन में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए अस्सी की भांति मैदागिन में भी मल्टीलेवल पार्किग बनाने का निर्णय लिया है.
इस क्रम में 100 वाहनों के लिए मल्टीलेवल पार्किग के निर्माण की प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई है। इस पार्किंग से मैदागिन पर लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी. इसके अलावा कचहरी स्थित आंबेडकर चौराहा, लहुराबीर, लंका, मैदागिन, तेलियाबाग सहित शहर के 15 चौराहे व तिराहे के सुंदरीकरण की योजना बनाई है.वहीं चरणबद्ब तरीके से शहर के सभी 276 पाकौं का भी कायाकल्प कराने का प्रस्ताव है.