वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश में पहली बार उत्तर प्रदेश के सरकारी टीचर्स को एक करोड़ रुपए के दुर्घटना बीमा के रूप में जो तोहफा दिया है, वह सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है. सीएम योगी की तरफ से वाराणसी में 5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ MOU साइन करने के बाद एक करोड़ रुपए तक के टर्म इंश्योरेंस का तोहफा दिया है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इसकी प्रक्रिया में क्या है? क्या नियम है और क्या होना है? यानी इस योजना का क्या फायदा है और कौन लो इससे लाभान्वित होंगे.
बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र कुमार का कहना है कि यह तोहफा बहुत बड़ा है. सीएम योगी के तोहफे के बाद बनारस मंडल ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के टीचर्स अब सुरक्षित जिंदगी जी सकते हैं.
बेसिक शिक्षा अधिकारी का कहना है कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से शुरू कर दी गई है. यह बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है. इसमें सिर्फ टीचर ही नहीं बल्कि शिक्षक कर्मचारियों के साथ उनके आश्रित परिवारों को तक मुफ्त चिकित्सा का लाभ आयुष्मान योजना की तर्ज पर ही मिलेगा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत की है. यह उत्तर प्रदेश को बाकी राज्यों से अलग बनाती है. अब यूपी देश का पहला ऐसा राज्य बना है, जहां टीचर्स को एक करोड़ रुपए के टर्म इंश्योरेंस का फायदा मिला है.
जानिए क्या है कैशलेश योजना: आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज मिलेगा. मरीज चिन्हित सरकारी और पैनल में शामिल (एम्पैनल्ड) निजी अस्पतालों में बिना किसी एडवांस भुगतान के इलाज करा सकेंगे.
इसमें टीचर और शैक्षणिक कार्य से जुड़े कर्मचारियों के साथ उनके परिवार के आश्रित सदस्य भी शामिल होंगे. इस योजना के तहत बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से एक 1 करोड़ का दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान किया जाएगा.
योजना में गंभीर बीमारियों, सर्जरी, हृदय रोग, कैंसर और किडनी रोग सहित लगभग 1900 से अधिक मेडिकल पैकेजों को शामिल किया गया है. लाभार्थियों को इलाज के लिए जल्द कैशलेस चिकित्सा कार्ड मिलेंगे.
इस योजना से सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में गंभीर बीमारियों, जटिल सर्जरी, कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग सहित लगभग 1900 से अधिक उपचार पैकेजों का लाभ मिलता है. इसमें ओपीडी सेवा कवर नहीं होती है.
यह लाभ किसको मिलेगा: बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय, सहायता प्राप्त और अनुदानित स्कूलों के शिक्षक, शैक्षणिक कार्यों से जुड़े नॉन टीचिंग स्टाफ, शिक्षामित्र और अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डन और स्टाफ, विशेष शिक्षक और मध्यान्ह भोजन रसोइए इसमें शामिल हैं. भविष्य में इस योजना का विस्तार उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों और स्टाफ के लिए भी किया जाएगा. इसमे उनके आश्रित परिवार के सदस्य लाभार्थी भी होंगे.
कैसे पाएंगे लाभ: लाभार्थियों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए आयुष्मान ऐप के माध्यम से ई-केवाईसी करानी होगी. किसी भी प्रकार की सहायता या समस्या के लिए सरकार ने टोल फ्री हेल्पलाइन नबंर 180018004444 या 14555 पर कॉल करना होगा. आधिकारिक ईमेल support.sects@sachis.in पर संपर्क किया जा सकता है.
सरकार देगी प्रीमियम: मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना में प्रति शिक्षक 3000 रुपए वार्षिक प्रीमियम अनुमानित है. प्रीमियम का भुगतान राज्य सरकार की तरफ से किया जाएगा. इसकी व्यवस्था विभागीय बजट में की गई है. योजना के तहत बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लगभग 12 लाख शिक्षकों और रसोइयों के परिवार लाभान्वित होंगे. इस योजना के तहत प्रीमियम के भुगतान के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 447 करोड़ रुपए खर्च करेगी.
जानिए टर्म इंश्योरेंस किसको मिलेगा: बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच यह समझौता 8 जुलाई को वाराणसी में सीएम योगी की मौजूदगी में हुआ है. इसका सीधा फायदा बेसिक शिक्षा विभाग के सरकारी टीचर और नॉन टीचिंग स्टाफ को मिलेगा.
किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ: सरकार की योजना के तहत करीब 4.50 लाख स्थायी कर्मचारी और लगभग 5.50 लाख अस्थायी या संविदा कर्मचारी इस विशेष पैकेज का हिस्सा होंगे. इनमें शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक, मिड-डे मील से जुड़े रसोइए और स्कूलों में काम करने वाले अन्य कर्मचारी शामिल हैं. अलग-अलग कर्मचारियों को उनकी नौकरी की श्रेणी और मासिक वेतन के आधार पर सुविधाएं दी जाएंगी.
स्थायी कर्मचारियों जिनका मासिक वेतन 10 हजार रुपए से अधिक है, उन्हें 10 लाख रुपए का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस मिलेगा. इसके अलावा ऐसे कर्मचारियों को 1 करोड़ रुपए तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर भी दिया जाएगा. किसी कर्मचारी को स्थायी विकलांगता होती है, तो उसे भी 1 करोड़ रुपए तक का बीमा लाभ मिलेगा. हवाई दुर्घटना की स्थिति में बीमा कवर 1.60 करोड़ रुपए तक होगा.
इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलेगी. 10 हजार रुपए से अधिक मासिक आय वाले संविदा कर्मचारियों को 30 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा मिलेगा. स्थायी विकलांगता की स्थिति में भी उन्हें 30 लाख रुपए तक का कवर दिया जाएगा. अगर किसी कर्मचारी को आंशिक विकलांगता होती है तो उसे 15 लाख रुपए तक का बीमा लाभ मिलेगा. वहीं, हवाई दुर्घटना होने पर इस श्रेणी के कर्मचारियों को 30 लाख रुपए का बीमा कवर मिलेगा.
जिन कर्मचारियों का मासिक वेतन 10 हजार रुपये से कम है, उन्हें भी योजना से बाहर नहीं रखा जाएगा. ऐसे कर्मचारियों को जीरो बैलेंस बैंक खाते और रुपे डेबिट कार्ड के जरिए 1 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलेगा. इस श्रेणी में कम मानदेय पाने वाले कई रसोइए और अन्य सहयोगी कर्मचारी शामिल हो सकते हैं, जो नियमित वेतन व्यवस्था का हिस्सा नहीं हैं.
बच्चों की पढ़ाई और बेटी की शादी के लिए भी कारगर: इस पैकेज में सिर्फ बीमा ही नहीं, बल्कि अतिरिक्त सहायता का भी प्रावधान रखा गया है. यदि किसी कर्मचारी के साथ कोई दुर्भाग्यपूर्ण घटना होती है, तो उसके बच्चों की पढ़ाई और बेटी की शादी के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.

