आगरा : यूपी सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर आगरा आए. कृषि मंत्री ने बिचपुरी स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज के सभागार में “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम की अध्यक्षता की. इसके साथ ही उन्होंने किसानों से सुपर अलनीनो और सूखे के प्रभाव को लेकर किसानों से सीधा संवाद किया. उन्होंने जनपद स्तरीय “तिलहन मेला” में भी किसानों से बात की. कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि यूपी में अलनीनो की वजह से कम बारिश के आसार हैं. ऐसे में कम पानी, कम लागत, कम फर्टिलाइजर प्रयोग वाली फसलों की बुवाई करें, मिलेट्स की बुवाई करें.
कृषि मंत्री ने पौधरोपण किया : कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सबसे पहले गुरुवार दोपहर कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी में “एक पेड़ मां के नाम” को लेकर पौधरोपण किया. इसके बाद कृषि मंत्री ने कृषि यंत्रों में ट्रैक्टर की चाबी किसान को प्रदान की. इसके साथ ही पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप, बीज मिनी किट का वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड के लाभार्थियों के साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से विकसित तिल के बीजों का वितरण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया.
किसानों से पूछीं समस्या : कृषि मंत्री ने किसानों से सीधे संवाद किया. किसानों से एक-एक करके उनकी समस्या पूछीं. जिसमें किसानों ने मक्का व मूंग के क्रय केंद्र खोलने, आलू की समस्या, डीएपी वितरण समेत अन्य समस्याएं गिनाईं. कृषि मंत्री ने किसानों से आग्रह किया कि वे धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं श्रीअन्न (मोटे अनाज) जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, मंडुआ, कोदो एवं काकुन की खेती को प्राथमिकता दें. ये फसलें कम पानी एवं कम उर्वरक में भी अच्छी उपज देती हैं, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृद्धि होती है.
“किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है सरकार” : इस दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है. ‘खेत बचाओ अभियान’, ‘किसान पाठशाला’ तथा ‘विकसित कृषि अभियान’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से आधुनिक तकनीक किसानों तक पहुंचाई जा रही है. अब धान और गेहूं के साथ-साथ सरसों, अरहर, मक्का, बाजरा सहित कई फसलों की भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की जा रही है.
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को अपनी फसल का भुगतान एक सप्ताह से दस दिन के भीतर सीधे उनके खातों में किया जा रहा है. यूपी में सामान्य से लगभग 55 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जिससे प्रदेश में जल संकट की संभावना बढ़ गई है. ऐसे में जल संरक्षण और कम पानी वाली फसलों को अपनाना समय की आवश्यकता है. सरकार ने विभिन्न खरीफ फसलों के एमएसपी पहले ही घोषित कर दिए हैं, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके.
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर यूरिया, डीएपी एवं अन्य उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करें. किसी भी समिति पर खाद की कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. किसानों से रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग की अपील की. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती, गोबर की खाद, जीवामृत, घनजीवामृत तथा हरी खाद के अधिकाधिक प्रयोग करें. इसके साथ ही गुणवत्तापूर्ण एवं प्रमाणित बीज उत्पादन को बढ़ावा देने की अपील की.
’12 जुलाई तक प्रदेश में लगेंगे 35 करोड़ पौधे’ : कृषि मंत्री ने कहा कि अल नीनो के प्रभाव के कारण वर्षा में कमी देखने को मिल रही है. जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है. 12 जुलाई को प्रदेशभर में 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे. सभी किसानों से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान में सहभागी बनने का आग्रह किया. इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल पर उद्यान विभाग, आलू अनुसंधान केंद्र, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के स्टॉल लगाकर किसान भाइयों को लाभान्वित किया गया.