नई दिल्ली : भारत ने ट्रंप प्रशासन से बेहतर संबंध बनाने के लिए लॉबिंग फर्म के साथ कॉन्ट्रैक्ट को फिर से एक साल के लिए बढ़ा दिया है. अमेरिका में लॉबिंग फर्म के साथ मिलकर काम करना कानून सम्मत है. यह खबर ऐसे समय में आई है, जब यूएस राष्ट्रपति ट्रंप के भारत दौरे पर आने की उम्मीद है.
‘फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट’ के तहत सार्वजनिक की गई जानकारी के अनुसार, भारत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व टॉप कैंपेन प्रवक्ता और लंबे समय से कम्युनिकेशन सलाहकार रहे जेसन मिलर की कंपनी के साथ अपना लॉबिंग कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाया है.यहां भारतीय दूतावास और मिलर की कंपनी एसएचडब्लू पार्टनर्स एलएलसी के बीच यह कॉन्ट्रैक्ट इस साल 24 अप्रैल को साइन किया गया था और यह 23 अप्रैल, 2027 तक चलेगा.
इसमें हर महीने 1,50,000 अमेरिकी डॉलर की फीस शामिल है, जो सालाना 1.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर बैठती है.मिलर की कंपनी को भारतीय दूतावास ने पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के कुछ दिनों बाद हायर किया था.
दस्तावेजों के अनुसार, कार्यक्षेत्र में “अमेरिकी सरकार, अमेरिकी कांग्रेस, राज्य सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों, थिंक टैंकों और अन्य संबंधित हितधारकों के समक्ष नीतिगत मामलों पर रणनीतिक परामर्श, सामरिक योजना और सरकारी संबंध सहायता” शामिल है.
एसएचडब्लू जरूरत के हिसाब से अमेरिकी सरकार, अमेरिकी कांग्रेस, राज्य सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों, थिंक टैंक और अन्य संबंधित पक्षों के सामने पॉलिसी से जुड़े मामलों पर रणनीतिक सलाह, टैक्टिकल प्लानिंग और सरकारी संबंधों में मदद देती है.
एसएचडब्लू की तरफ से दर्ज की गई आउटरीच गतिविधियों की समीक्षा से पता चलता है कि इस साल 25 जनवरी से 2 फरवरी के बीच मिलर और ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों – यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर, ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट, कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लटनिक और ट्रंप की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स – के बीच कम से कम एक दर्जन फोन कॉल हुए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत के बाद, भारत और अमेरिका ने दो फरवरी को एक अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए रूपरेखा की घोषणा की थी.नवंबर 2025 और इस साल अप्रैल के बीच छह महीने की अवधि में भारत की ओर से की गई आउटरीच से जुड़ी जानकारी से पता चलता है कि ग्रीर और बेसेंट के साथ नियमित फोन कॉल हुए – ये अधिकारी व्यापार बातचीत और उस ट्रेजरी विभाग से जुड़े थे जिसने रूस से कच्चे तेल की खरीद पर प्रतिबंधों में छूट का मामला संभाला था.
मार्च और अप्रैल में, मिलर ने ट्रेजरी डिपार्टमेंट में इंटरनेशनल अफेयर्स के एक्टिंग असिस्टेंट सेक्रेटरी फ्रांसिस ब्रुक से पांच बार बात की और नवंबर से दिसंबर 2025 के बीच भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से तीन बार मुलाकात की.
2024 के चुनाव से पहले, मिलर ने ट्रंप की 2020 की राष्ट्रपति पद के लिए दोबारा चुनाव लड़ने की असफल कोशिश में सलाहकार के तौर पर काम किया था और ट्रंप के 2016 के कैंपेन में मुख्य प्रवक्ता थे. इससे पहले, उन्होंने सीनेटर टेड क्रूज के राष्ट्रपति पद के कैंपेन के लिए काम किया था.अमेरिका में लॉबिंग कानूनी है और सभी एजेंटों को ‘फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट’ के तहत रजिस्टर होना पड़ता है और कानून के मुताबिक जानकारी देनी पड़ती है.