रामपुर: रामपुर में जिला प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 150 साल पुरानी बताई जा रही “नीम वाली जियारत” मजार को देर रात जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया. सड़क के बीचों-बीच स्थित इस मजार को लेकर वर्ष 2020 में बजरंग दल के एक कार्यकर्ता ने शिकायत की थी.
प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण यातायात में बाधा बन रहा था और यहां कई सड़क हादसे भी हो चुके थे. देर रात भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की गई.
बजरंग दल की शिकायत पर एक्शन: फिलहाल मौके पर केवल नीम का पेड़ बचा था, जिसे आज दिन में जिला प्रशासन ने हटा दिया. रामपुर के चाकू चौराहे के पास फॉर्म वाली नहर रोड पर स्थित “नीम वाली जियारत” मजार पर जिला प्रशासन का बुलडोजर चल गया. बताया जाता है कि यह मजार करीब 150 वर्ष पुरानी थी और हर जुमेरात को यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर मन्नतें मांगते थे. लेकिन सड़क के बीचों-बीच बने होने की वजह से यह लगातार विवाद का विषय बनी हुई थी.
मजार और नीम का पेड़ हटाया गया: जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में बजरंग दल के कार्यकर्ता अर्जुन गुप्ता ने इस मजार को लेकर जिला प्रशासन से शिकायत की थी. शिकायत में इसे अतिक्रमण बताते हुए हटाने की मांग की गई थी. इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया चलती रही. प्रशासन का कहना है कि सड़क के बीच स्थित इस निर्माण के कारण यातायात प्रभावित होता था और यहां कई सड़क दुर्घटनाएं भी हो चुकी थीं.
मार्ग को पूरी तरह समतल किया गया: इसी को देखते हुए देर रात प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से मजार को ध्वस्त कर दिया. कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो. कार्रवाई के बाद अब मौके पर केवल एक नीम का पेड़ बचा हुआ था जिसको जिला प्रशासन ने दिन में जेसीबी और आधुनिक आरा मशीनों की मदद से काटकर बीच सड़क से हटा दिया और सड़क को समतल कर दिया. फिलहाल प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर इलाके में चर्चाओं का दौर जारी है.