सीएम योगी की PRD जवानों को बड़ी सौगात, ड्यूटी भत्ता बढ़ाकर 600 रुपये; मिलेगा कैशलेस इलाज भी

गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) जवानों को बड़ी सौगात दी. इन जवानों को सपरिवार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये मुफ्त इलाज की सुविधा देने के साथ मुख्यमंत्री ने उनके दैनिक ड्यूटी भत्ता में भी वृद्धि करने की घोषणा की. अपने कार्यकाल में इसके पूर्व तीन बार ड्यूटी भत्ता बढ़ा चुके मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर में आयोजित पीआरडी जवानों के सम्मेलन में चौथी बार वृद्धि का ऐलान किया. कहा कि अब पीआरडी जवानों को 500 रुपये की जगह प्रतिदिन 600 रुपये ड्यूटी भत्ता दिया जाएगा.

योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित पीआरडी जवानों के सम्मेलन में सीएम योगी ने पीआरडी स्वयंसेवकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड का वितरण कर ‘मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ किया. साथ ही रिमोट का बटन दबाकर लखनऊ में करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बहुमंजिला पीआरडी बैरक का शिलान्यास भी किया. इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने पीआरडी जवानों के लिए नई घोषणा की.

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1948 में गठित पीआरडी के स्वयंसेवकों को 2019 तक 250 रुपये दैनिक ड्यूटी भत्ता मिलता था. 2019 में उन्होंने इसे बढ़ाकर 375 रुपये और 2022 में बढ़ाकर 395 रुपये किया था. 2025 में भत्ता वृद्धि फिर से की और बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन कर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा, अब पीआरडी स्वयंसेवकों का भत्ता 500 से रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन करने जा रहे हैं. कहा कि पीआरडी जवानों के लिए 75 वर्ष में भत्ता राशि 250 रुपये तक ही थी, जबकि विगत 8 वर्ष में ही यह 250 से बढ़कर 600 रुपये होने जा रहा है. यह वृद्धि सौ प्रतिशत से भी अधिक है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित कराने के लिए पुलिस और प्रशासन के सहयोग में पीआरडी के स्वयंसेवक अपनी भूमिका समर्पण भाव से निभाते हैं, इसके बावजूद 2017 के पहले तक उन्हें ड्यूटी नहीं मिलती थी. जबकि आज उनके महत्व को समझा गया तो ड्यूटी के लिए जवान कम पड़ जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आपदा हो, महाकुंभ, दीपोत्सव, रंगोत्सव, ट्रैफिक संचालन में सहयोग, चुनाव ड्यूटी हो या अन्य किसी भी कार्य में प्रशासन-पुलिस का सहयोग, पीआरडी जवानों ने अनुशासन, समर्पण और सेवाभाव से कार्य किया.

सीएम योगी ने कहा कि कैशलेस इलाज की सुविधा के अंतर्गत 31 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवकों को किसी भी सरकारी और सरकार से इम्पैनल्ड अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक मुफ्त चिकित्सा की सुविधा मिलेगी. यह सुविधा प्रतिवर्ष मिलेगी. पीआरडी जवानों की संख्या को उनके परिवार के लिहाज से औसत रूप में देखें तो 1 लाख 55 हजार से अधिक सदस्य इससे लाभान्वित होंगे.

पीआरडी जवानों के सम्मेलन में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल, डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि पीआरडी के जवान शांति, सुरक्षा और जनसेवा के मजबूत आधार हैं. महत्वपूर्ण भूमिका के बावजूद 2017 के पहले पीआरडी का बजट मात्र 23 करोड़ रुपये था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इसे कई गुना बढाया गया. आज पीआरडी का बजट 543 करोड़ रुपये हो चुका है.

इस अवसर पर जिला पंचायत की प्रशासक साधना सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, पीआरडी विभाग के सचिव सुहास एलवाई, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, पूर्व महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.

दस स्वयंसवेकों को सीएम के हाथों कैशलेस चिकित्सा कार्ड

प्रांतीय रक्षक दल के सम्मेलन में दस स्वयंसेवकों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्राप्त हुआ. इनमें गोरखपुर के अजय, भीमसेन, धीरेंद्र, उमेश कुमार, लखनऊ की स्नेहलता रावत, अनामिका वर्मा, कुशीनगर की चंदा भारती, मऊ के जय सिंह, चंदौली के मो. शाकिर और वाराणसी के किशन गुप्ता शामिल रहे