व्रत में सेंधा नमक खाने की क्यों है परंपरा? जानें एक्सपर्ट की राय

शारादीय नवरात्रि 2026 का आगमन न केवल त्योहार का माहौल लाता है, बल्कि हमारे खान-पान की आदतों में भी कई बदलाव लाता है. इन नौ दिनों के दौरान, ज्यादातर लोग सात्विक भोजन करते हैं, यानी ऐसा भोजन जिसमें प्याज, लहसुन, मांस और अंडे शामिल नहीं होते हैं इसके अलावा, आम सफेद नमक की जगह लोग सेंधा नमक (Rock Salt) का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में, क्या आपने कभी सोचा है कि सफेद नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल क्यों किया जाता है? आइए जानते हैं…

जयपुर के CK बिड़ला हॉस्पिटल में सीनियर डायटीशियन डॉ. दिव्या जैन का कहना है कि सेंधा नमक, जिसे हिमालयन क्रिस्टल सॉल्ट भी कहा जाता है, एक तरह का नमक है जो आम तौर पर इंडियन सबकॉन्टिनेंट के हिमालयी पहाड़ों में पाया जाता है. इसे नमक का सबसे शुद्ध रूप माना जाता है क्योंकि इसमें कोई केमिकल या जहरीले तत्व नहीं होते, समुद्री नमक की तरह, यह शुद्ध और ऑर्गेनिक होता है. जिन्हें नहीं पता उन्हें बता दें कि रॉक सॉल्ट को ‘वेजिटेरियन सॉल्ट’ भी कहा जाता है क्योंकि यह समुद्री पानी से नहीं बनता है. जानकारों के अनुसार, सेंधा नमक शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने और pH बैलेंस बनाए रखने में मदद करता है. ब्लड सर्कुलेशन और मिनरल बैलेंस को बेहतर बनाकर, यह शरीर से हानिकारक मिनरल जमाव और रिफाइंड नमक के अवशेषों को बाहर निकालने में भी मदद करता है.

व्रत के दौरान लोग सेंधा नमक क्यों खाते हैं?
डॉ. दिव्या जैन का कहना है कि व्रत के समय ऐसा खाना खाना चाहिए जो पचने में हल्का हो और शरीर से टॉक्सिन्स या जहरीले पदार्थ को बाहर निकालने में मदद करे. सेंधा नमक खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ उसे शुद्ध और सेहतमंद बनाए रखने का एक बेहतरीन तरीका है. यह नमक का सबसे शुद्ध रूप है क्योंकि इसे प्रोसेस नहीं किया जाता है. इसके उलट, टेबल सॉल्ट को वाष्पीकरण के बाद केमिकल प्रोसेस से गुजारा जाता है और अक्सर इसमें आयोडीन मिलाया जाता है. व्रत के दौरान सेंधा नमक फायदेमंद होता है क्योंकि यह शरीर को अंदर से ठंडा रखता है, जबकि दूसरे तरह के नमक शरीर में अंदरूनी गर्मी पैदा कर सकते हैं.

सोडियम कम और पोटैशियम ज्यादा होने के कारण, सेंधा नमक इलेक्ट्रोलाइट लेवल को बनाए रखने और एनर्जी देने में मदद करता है, ये दोनों ही चीजें व्रत के दौरान शरीर को एक्टिव रखने के लिए बहुत जरूरी हैं. इसके साथ ही…

ब्लड प्रेशर कंट्रोल: आम नमक में सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, जबकि सेंधा नमक एक हेल्दी विकल्प है. इसमें पोटैशियम होता है जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है. इसलिए, हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीज इसे आसानी से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं.

पाचन में सुधार: जानकारों के अनुसार, आम सफ़ेद नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल करने से पाचन बेहतर होता है. यह न सिर्फ खाने से जरूरी पोषक तत्वों को सोखने में मदद करता है, बल्कि पेट के छोटे-मोटे इन्फेक्शन से भी बचाता है.

त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद: सेहत के लिए फायदेमंद होने के साथ-साथ, सेंधा नमक त्वचा और स्कैल्प की अच्छी तरह से सफाई (एक्सफोलिएशन) करता है. आप सेंधा नमक को अपने फेस स्क्रब और पैक में शामिल कर सकते हैं. यह न पोर्स को खोलता है, बल्कि त्वचा को चमकदार भी बनाता है. इसी तरह, स्कैल्प से गंदगी और मृत त्वचा कोशिकाओं को आसानी से हटाने के लिए हेयर मास्क में भी सेंधा नमक मिलाया जा सकता है.

मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है: जानकारों का कहना है कि सेंधा नमक शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने और शारीरिक क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है. साथ ही, अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में सेंधा नमक शामिल करना एक अच्छी आदत है.

इम्युनिटी बढ़ाता है: इसमें आयोडीन, जिंक, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे मिनरल होते हैं, ये इम्यून सिस्टम को मज़बूत करते हैं और शरीर को मौसमी बीमारियों से बचाते हैं.