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योगी सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे पात्रों तक, डिजिटल व्यवस्था से बढ़ी पारदर्शिता

लखनऊ:  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज कल्याण योजनाओं को पारदर्शी, सरल और जनहितकारी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। तकनीक के इस्तेमाल से सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और सरकारी व्यवस्था को जवाबदेह बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल भुगतान और लाभार्थियों के सत्यापन जैसी व्यवस्थाओं ने योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद की है।

प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ समेत समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के संचालन में डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे लाभार्थियों को आवेदन से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया में सुविधा मिल रही है। साथ ही पात्रता के सत्यापन से वास्तविक जरूरतमंदों तक सरकारी सहायता पहुंचाने का रास्ता भी मजबूत हुआ है। योगी सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर है, जिसमें योजनाओं का लाभ पाने के लिए लोगों को अनावश्यक सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

डिजिटल व्यवस्था से बढ़ी पारदर्शिता

सरकार की ओर से योजनाओं की आवेदन और भुगतान प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से जोड़ने का उद्देश्य व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। डिजिटल भुगतान से सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने में सुविधा होती है। वहीं, सत्यापन की प्रक्रिया से पात्रता सुनिश्चित करने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलती है। इससे सरकारी योजनाओं के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ाने की दिशा में भी काम हो रहा है।

शिकायतों के निस्तारण पर विशेष ध्यान

समाज कल्याण विभाग योजनाओं से जुड़ी शिकायतों के समाधान और लंबित प्रकरणों की समीक्षा पर भी ध्यान दे रहा है। आवेदन, पात्रता और भुगतान में आने वाली समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर है। इससे लाभार्थियों को होने वाली परेशानियों को दूर करने के साथ विभागीय कार्यप्रणाली में जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिल रही है।

हर पात्र व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना लक्ष्य

समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से पहुंचे और लोगों को सरकारी सुविधाओं के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, शिकायतों के निस्तारण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।