लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित ‘सुशासन दिवस 2024’ कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में हुए विकास कार्यों और सरकार की उपलब्धियों को एक एक करके सबके सामने रखा। सीएम ने कहा कि प्रदेश में सुशासन की स्थापना अचानक नहीं हुई है, बल्कि इसके लिए बड़े स्तर पर रिफॉर्म किये गये।
पहले की सरकारों ने जाति, मत-मजहब, क्षेत्र और भाषा के आधार पर समाज को बांटने और ठगने का कार्य किया, मगर आज विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गरीबों को आत्मनिर्भर बनाया गया है। प्रदेश में पहले भी पोटेंशियल था, मगर तब की सरकारों ने इसका बेहतर उपयोग नहीं किया।
पहले भारत की परंपराओं का उड़ाया जाता था मजाक
सीएम ने बताया कि आज एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना साकार हुई है। पहले हम भारतवासियों को कहा जाता था कि हमारा जो कुछ भी ज्ञान है वो पोंगापंथी है। हमारी परंपराओं को लांछित किया जाता था। आज दुनिया के 193 देश 21 जून की तिथि को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप मनाती है।
भारत की इस ऋषि परंपरा से जुड़कर पूरी दुनिया ना केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से हमारी परंपरा के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करती है। ये सब प्रधानमंत्री मोदी के कारण संभव हो सका है।
सरकार ने बिना भेदभाव के कानून का राज स्थापित किया
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अंदर चल रही तमाम विकास परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने यूपी में इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में हुए कार्यों को गिनाया। साथ ही प्रदेश में सुदृढ़ हुई कानून व्यवस्था जैसी उपलब्धियों के बारे में भी बताया।