अयोध्या के संत बोले- मंदिर निर्माण में गोरक्षपीठ की भूमिका अहम

सीएम योगी को जाता है अपने पूर्ववर्ती आचार्यों के देखे स्वप्न को पूरा करने का सौभाग्य

अयोध्या: सर्वविदित है कि श्रीराम मंदिर निर्माण में गोरक्षपीठ की अहम भूमिका है। अयोध्या के संतों का मानना है कि अपने पूर्ववर्ती आचार्यों के देखे स्वप्न को पूरा करने का सौभाग्य गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ को जाता है। महंत दिग्विजनाथ महराज ने अलख जगाई। महंत अवेद्यनाथ जी महराज ने हिंदुओं को एकत्र किया तो वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ अयोध्या आकर मंदिर निर्माण की चिंता और चिंतन करते थे, लेकिन सीएम बनते ही अयोध्या को वे टाट से ठाठ की ओर ले गए।

अयोध्या सज-संवर रही है। अयोध्या को नव्यता, दिव्यता भव्यता और टाट से ठाठ की ओर ले जाने में गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ को श्रेय जाता है। एक समय था कि जब योगी महराज साल में चार-पांच बार आकर संतों के साथ चिंता व चिंतन करते थे कि कैसे मंदिर निर्माण हो। अब सीएम बनने के बाद महीने में पांच-छह बार आकर दर्शन करने के बाद विकास कार्यों को कैसे गति मिले, इस पर नजर रखते हैं। दिग्विजयनाथ महराज ने जो अलख-लौ जगाई, जिसे लेकर अवेद्यनाथ महराज ने संतों के संघर्ष-उनकी याद-समर्पण- सेवा भाव उत्पन्न किया। जो भाव दिग्विजयनाथ का था, अवेद्यनाथ ने त्याग-तपस्या-संघर्ष किया। दबे-कुचले-शोषितों के साथ बैठकर छुआछूत को समाप्त करने का प्रयास किया।