लखनऊ: प्रदेश में ग्राम पंचायतों के विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पंचायती राज विभाग ने पहली बार ‘मुख्यमंत्री विशेष पुरस्कार’ की शुरुआत की है. ग्राम पंचायत में विकास की भावना के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 10 ग्राम पंचायतों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा.
योजना में क्या बदलाव: मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना पिछले नौ साल से मुख्यमंत्री की प्राथमिकता की योजना रही है, जिसमें प्रत्येक जिले से पांच यानी प्रदेश की 375 ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत किया जाता है. यह पहली बार है जब पूर्व से संचालित योजना के साथ साथ पूरे प्रदेश से सिर्फ 10 पंचायतों को क्षेत्र विशेष में सराहनीय कार्य करने के लिए 50 लाख रुपए की धनराशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जाएगी.
कौन सी दस श्रेणियां हैं: पंचायतीराज विभाग के निदेशक अमित सिंह ने बताया कि पुरस्कार के लिए प्रदेश की सभी इच्छुक और पात्र ग्राम पंचायतें निर्धारित अवधि में आवेदन कर सकती हैं. पुरस्कार के लिए ग्राम पंचायतों का चयन 10 विशेष श्रेणियों में किया जाएगा. इनमें घर-घर कचरा एकत्रित करने वाली ग्राम पंचायत, तरल अपशिष्ट प्रबंधन करने वाली ग्राम पंचायत, स्वयं की आय (OSR) सृजित करने वाली ग्राम पंचायत, प्लास्टिक मुक्त और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन करने वाली ग्राम पंचायत, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने वाली ग्राम पंचायत, पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन करने वाली ग्राम पंचायत, ‘मेरा तालाब मेरी योजना’ में श्रेष्ठ कार्य करने वाली ग्राम पंचायत, महिला नेतृत्व एवं सहभागिता में उत्कृष्ट ग्राम पंचायत, आधार केंद्रों के माध्यम से सेवाएं प्रदान करने वाली ग्राम पंचायत और सर्वाधिक जैविक कृषि करने वाली ग्राम पंचायत शामिल हैं.
कैसे करें आवेदन: उन्होंने बताया कि इच्छुक पात्र ग्राम पंचायतें 15 सितम्बर से 30 सितम्बर तक निर्धारित पोर्टल https://cmawards.upprd.in/ के माध्यम से अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं. इस पहल का उद्देश्य ग्राम पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देते हुए स्थानीय स्तर पर नवाचार, सुशासन, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सहभागिता, डिजिटल एवं सार्वजनिक सेवाओं की उपलब्धता और टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहित करना है, जिससे गांवों को आत्मनिर्भर, स्वच्छ, सशक्त और समृद्ध बनाने के प्रयासों को नई गति मिल सके.