फतेहपुर: आप अपने मोबाइल में भेजे गए ओटीपी को हमें बताएं नहीं तो आपका बैंक खाता बंद कर दिया जाएगा। जैसे ही आपने अपने मोबाइल में आई ओटीपी को साझा किया, आपके बैंक खाते से धनराशि निकाल ली जाएगी और इसकी जानकारी आपको कुछ देर बाद होगी। इसी तरह से साइबर अपराध होता है। यदि आपके साथ भी कभी ऐसा हो तो सबसे पहले ये तीन काम करें। वो कौन से तीन काम हैं, आइये आपको बताते हैं।
साइबर धोखाधड़ी करने वाले लोग बेहद पढ़े लिखे और होशियार होते हैं। ये लोग किसी को फोन कर या उसे व्हाट्सएप लिंक, टेस्ट मैसेज लिंक भेज कर साइबर अपराध को अंजाम देते हैं। जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान बैंक खाते से पैसा उड़ा देना या यूपीआई हैक कर पैसा अपने खाते में डाल लेना शामिल है। ऐसे में यदि कभी आपके साथ आर्थिक साइबर अपराध हो तो सबसे पहले 1930 में फोन करें। अपने साथ हुए घटनाक्रम की जानकारी दें। दूसरा काम अपने संबंधित बैंक को फोन करके अपना बैंक खाता डेबिट सीज करने को कहें।

याद रखें खाता ब्लॉक नहीं कराना है बल्कि बैंक खाता डेबिट सीज कराना है। ऐसे में बैंक आपसे जानकारी लेकर आपका सहयोग करेगा। साथ ही यदि यूपीआई के जरिए साइबर अपराध होने की आशंका है, तो तीसरे काम में अपने सिम सर्विस ऑपरेटर से तत्काल सिम को बंद करवाएं। ये तीन काम करने से संभव है कि आपके खाते से गए पैसे आपको मिल जाएं। यह जानकारी फतेहपुर पुलिस की ओर से हुए साइबर जागरूकता कार्यक्रम के तहत बताईं गईं। कार्यक्रम के दौरान साइबर विशेषज्ञ डॉक्टर रक्षित टंडन ने कई जानकारी साझा की।