72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सितारों का सम्मान, अनंत नाग को दादा साहब फाल्के पुरस्कार

भारतीय सिनेमा के लिए आज का दिन काफी खास रहा. क्योंकि मंगलवार, 22 सितंबर को गुजरात के केवड़िया में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार का आयोजन किया गया. 1954 में शुरू हुआ यह पुरस्कार समारोह सिनेमा के क्षेत्र में देश के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक हैं. ये पुरस्कार फीचर फिल्मों, नॉन-फीचर फिल्मों और सिनेमा पर लेखन के क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए दिए जाते हैं. साथ ही, ये अलग-अलग भाषाओं, क्षेत्रों और फॉर्मेट में फिल्म बनाने वाले कलाकारों को भी सम्मानित करते हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 2024 में भारतीय सिनेमा में शानदार उपलब्धियों के लिए ये सम्मान अपने हाथों से दिया. यह समारोह दोपहर 3 बजे शुरू हुआ. इसे यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम किया गया. केवड़िया, जो सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित 182 मीटर ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के लिए जाना जाता है, इस समारोह की मेजबानी करेगा. बता दें, मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर, 2018 को दुनिया की इस सबसे ऊंची प्रतिमा का उद्घाटन किया था.

एक नजर डालें विजेताओं की लिस्ट पर…

बेस्ट एक्टर- कार्तिक आर्यन (फिल्म-चंदू चैंपियन)

बेस्ट एक्टर- ममूटी (फिल्म- ब्रह्मयुगम)

बेस्ट एक्ट्रेस – यामी गौतम (फिल्म-आर्टिकल 370)

बेस्ट हिंदी फिल्म- श्रीकांत

बेस्ट फीचर फिल्म- आर्टिकल 370

बेस्ट पॉपुलर फिल्म- कल्कि 2898 एडी

फीचर फिल्म कैटेगरी

बेस्ट डायरेक्टर- राजुकमार पेरियासामी (फिल्म अमरन)

बेस्ट स्क्रीनप्ले- सुकुमार (फिल्म-पुष्पा 2)

बेस्ट म्यूजिक- शाश्वत सचदेव ( फिल्म आर्टिकल 370)

राष्ट्रीय और सामाजिक मूल्यों पर बेस्ट फिल्म- कैप्टर मिलर

बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट- ऋद्धिमान बनर्जी, तपोमीय चक्रवर्ती, गीताश्री चक्रवर्ती, अरुणादेव पोथुला और अतिश एस शेट्टी

बेस्ट सिनेमैटोग्राफी: शहनाद जलाल (फिल्म: ब्रह्मयुग)

बेस्ट डायलॉग राइटर: वेंकी अटलूरी (फिल्म: लकी भास्कर)

बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन: कल्कि 2898 एडी

बेस्ट एक्शन डायरेक्शन: अनल अरसु (फिल्म: महाराजा)

बेस्ट मेकअप आर्टिस्ट: कमलेश कुरिल्लू

बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन: दीपाली नूर और शीतल शर्मा (फिल्म: पुष्पा 2)

बेस्ट बैकग्राउंड म्यूजिक: जी. वी. प्रकाश (फिल्म: अमरन)

बेस्ट लिरिक्स: मनोज मुंतशिर (फिल्म: मैदान)

बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर: अमय जोधपुरकर (फिल्म: धारात गणपति)

बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर: वैकोम विजयलक्ष्मी (फिल्म: ARM)

बेस्ट कोरियोग्राफी: विजय गांगुली (फिल्म: स्त्री 2)

बेस्ट साउंड डिजाइन: मानस चौधरी (फिल्म: भूल भुलैया 3)

बेस्ट एडिटिंग: आर. कलैवन्नन (फिल्म: अमरन)

रीजनल फिल्म कैटेगरी

बेस्ट हिंदी फिल्म: श्रीकांत

बेस्ट तमिल फिल्म: रायन

बेस्ट तेलुगू फिल्म: कमेटी कुर्रोल्लू

बेस्ट मलयालम फिल्म: फेमिनिची फातिमा

बेस्ट कन्नड़ फिल्म: मिथ्या

बेस्ट मराठी फिल्म: मुक्काम पोस्ट बॉम्बिलवाडी

बेस्ट बंगाली फिल्म: चलचित्र एखोन

बेस्ट गुजराती फिल्म: मारण

बेस्ट असमिया फिल्म: जुईफूल

बेस्ट ओड़िया फिल्म: लाहरी

बेस्ट गढ़वाली फिल्म: ढोली

बेस्ट मणिपुरी फिल्म: सुनिता

बेस्ट कोंकणी फिल्म: मोग असुम

बेस्ट तुलु फिल्म: इच्चू

स्पेशल मेंशन (फीचर)

1. धनुष, कैप्टन मिलर

2. सुरेन जी, मिथ्याग्यान

नॉन-फीचर फिल्म कैटेगरी

बेस्ट नॉन-फीचर फिल्म: भंगार

बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर: आंगेन

बेस्ट बायोग्राफी: काकोरी

बेस्ट आर्ट्स एंड कल्चर फिल्म: मैं निदा

बेस्ट एनिमेशन फिल्म: टण्ड एज वॉटर

सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली बेस्ट फिल्म: पिपलांत्री: ए टेल ऑफ इको फेमिनिज्म

बेस्ट डॉक्यूमेंट्री: राम-नामी

बेस्ट शॉर्ट फिल्म (30 मिनट तक): हमसफर

बेस्ट डायरेक्शन: आनंद एल. राय, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी- एकता का प्रतीक

बेस्ट साउंड डिजाइन: टी. एस. हरि हर सुधन, ब्लू

बेस्ट सिनेमैटोग्राफी: एंडर्स रेंसन, (फिल्म: लाइफ इन लूम)

बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन: शिवपाल सिंह कांग, परत 41°च्या मागावर

बेस्ट एडिटिंग: मनवीर जरसोलिया, एनडीयू

बेस्ट नैरेटर/वॉयस ओवर: सौदामिनी जयचंद्रन, लिटिल प्लैनेट: ए टेल ऑफ फ्रॉग्स

स्पेशल मेंशन (नॉन-फीचर)

1. भद्रकाली नाटकम

2. चोला डोरा

3. सुई

सबसे ज्यादा राष्ट्रीय पुरस्कार किसे मिलेंगे?

आर्टिकल 370- 3 अवार्ड्स

अमरन- 3 अवार्ड्स

पुष्पा 2- 2 अवार्ड्स

कल्कि 2898 एडी- 2 अवार्ड्स

महाराजा- 2 अवार्ड्स

कैप्टर मिलर- 2 अवार्ड्स

ब्रह्मयुगम- 2 अवार्ड्स

मिथ्या- 2 अवार्ड्स

कमेटी कुर्रोल्लू- 2 अवार्ड्स

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजेताओं को दी बधाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं को बधाई दी और गुजरात में इस समारोह का आयोजन करने के लिए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव की सराहना की. उन्होंने भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए पुरस्कार पाने वालों की भी तारीफ़ की और देश की विविध फ़िल्म दुनिया को समृद्ध बनाने में उनके प्रयासों को सराहा.

दादा साहब फाल्के अवॉर्ड मिलने के बाद दर्शकों को संबोधित करते हुए अनंत नाग ने सिनेमा में अपने पांच दशक लंबे सफर को याद किया. अपने करियर और इस सम्मान के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं इस समारोह की भव्यता को समझने की कोशिश कर रहा हूं. आज आप सबके बीच यहां आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है. एक एक्टर के तौर पर आपने मेरा काम देखा है. आपने कुछ झलकियां देखी हैं. मैं एक आश्रम में पला-बढ़ा – 12 साल की उम्र तक मेरा बचपन वहीं बीता. मुंबई में मुझे एक नाटक में एक्टिंग करने का मौका मिला.’ उन्होंने एक एक्टर के तौर पर कर्नाटक के ब्रांड एंबेसडर होने के बारे में भी बात की और कहा कि अलग-अलग भाषाओं में काम करने के बावजूद, उन्हें कर्नाटक में ही सबसे ज्यादा प्यार और सम्मान मिला.

अनंत नाग को मिला दादा साहब फाल्के पुरस्कार

अनुभवी अभिनेता अनंत नाग को 22 सितंबर को गुजरात के एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में 2024 के प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कई दशकों के करियर में भारतीय सिनेमा में नाग के उल्लेखनीय योगदान को मान्यता देते हुए यह पुरस्कार प्रदान किया.