रामपुर: डूंगरपुर मामले के एक केस में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को कोर्ट ने सोमवार (18 मार्च) को फैसला सुनाते हुए सात साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा तीन दोषियों को पांच-पांच साल जेल की सजा सुनाई है। आजम खान, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां, रिटायर्ड सीओ आले हसन और ठेकेदार बरकत अली पर अदालत शनिवार को दोष सिद्ध कर चुकी थी। सभी पर 5 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया है।
डूंगरपुर बस्ती को खाली कराने के दौरान साल 2019 में 12 मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें से एक केस इसी बस्ती के रहने वाले एहतेशाम ने दर्ज कराया था। आजम खान को आपराधिक षड्यंत्र का आरोपी बनाया था, जबकि अन्य पर घर में घुसकर मारपीट करने, डकैती और धमकाने आदि जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
चार मार्च को पूरी हो चुकी थी सुनवाई
इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में चार मार्च को पूरी हो चुकी थी। शनिवार को कोर्ट ने आजम खान सहित उक्त चारों को दोषी करार दिया। सोमवार को सुनवाई करते हुए आजम खान को सात साल और पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां, रिटायर्ड सीओ आले हसन, ठेकेदार बरकत अली को पांच साल की सजा सुनाई गई है।
वहीं, इस मामले में आरोपी बनाए गए सपा के प्रदेश सचिव ओमेंद्र सिंह चौहान समेत जिबरान नासिर, फरमान नासिर साक्ष्य के अभाव में बरी हो गए थे। सपा नेता आजम खां सीतापुर, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां बिजनौर जेल में हैं। डूंगरपुर बस्ती निवासी एहतेशाम का आरोप है कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर सीओ आले हसन के साथ मिलकर सपाइयों ने एहेतशाम के घर में घुसकर मारपीट और धमकाने की घटना को अंजाम दिया था। हालांकि, इन सभी पर डकैती डालने का भी आरोप लगाया था, लेकिन वह साबित नहीं हो पाया।