घर के मुख्य द्वार पर क्यों लगाए जाते हैं तोरण या बंधनवार? जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

घर का मुख्य दरवाजा खुशी, समृद्धि और शांति का प्रवेश-द्वार होता है. इसलिए, यह टूटा-फूटा या खराब हालत में नहीं होना चाहिए. वास्तु शास्त्र के अनुसार, मुख्य दरवाजा दो पल्लों वाला और साफ-सुथरे आयताकार आकार का होना चाहिए. सिंगल-शटर वाले दरवाजे, या तिकोने, गोल, चौकोर या बहुकोणीय आकार वाले दरवाजे, साथ ही ऐसे दरवाजे जिनमें कोई छोटा दरवाजा या खिड़की बनी हो, इनसे बचना चाहिए. ज्योतिषाचार्य डॉ उमाशंकर मिश्रा का कहना है कि ऐसे डिजाइन मुख्य दरवाजे के लिए अशुभ और वास्तु के नियमों के खिलाफ माने जाते हैं.

इसके अलावा, मुख्य दरवाजे और उसकी चौखट पर बंदनवार या तोरण लगाना चाहिए. यह घर में पॉजिटिविटी, शुभता और सुंदरता लाने का एक शानदार, पारंपरिक तरीका है. तोरण से कौन परिचित नहीं है? यह भारतीय घरों में एक आम नजारा है, जिसका इस्तेमाल मेहमानों का स्वागत करने और घर में पॉजिटिव एनर्जी लाने के लिए किया जाता है. सबसे अच्छी बात यह है कि यह कोई नई बात नहीं है. असल में, तोरण भारतीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा हैं और सदियों से इस्तेमाल होते आ रहे हैं. लेकिन सवाल यह है कि लोग अपने घरों के मुख्य द्वार पर तोरण क्यों लगाते हैं? इसके क्या फायदे हैं? इस खबर में जानिए…

तोरण या बंदनवार को लगाने के फायदे इस प्रकार है…
बंदनवार या तोरण मुख्य रूप से तीन चीजों से बनता है: अशोक या आम के पत्ते, गेंदे के फूल और पीली कौड़ियां. ‘बंदनवार’ या ‘तोरण’ में इस्तेमाल होने वाली तीनों चीजों का भारतीय संस्कृति में गहरा धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व है. इन्हें घर के मुख्य द्वार पर लगाना बहुत शुभ माना जाता है.

  • आम के पत्ते: मुख्य द्वार पर आम, पीपल या अशोक के पत्तों से बनी बंदनवार (तोरण) लगाने से वंश की वृद्धि और समृद्धि होती है. इसे अक्सर दिवाली के दिन लगाया जाता है, लेकिन इसे साल भर लगाए रखना शुभ माना जाता है. ऐसी बंदनवार घर में खुशी और खुशहाली बनाए रखने में मदद करती है.
  • अशोक के पत्ते: दरवाजे पर अशोक के पत्तों से बनी बंदनवार लगाने से घर में आर्थिक समृद्धि आती है.
  • गेंदे का फूल: गेंदे के पीले और नारंगी रंग समृद्धि, सौभाग्य और सकारात्मकता का प्रतीक हैं। इसकी खुशबू घर में खुशियां लाती है.
  • पीली कौड़ियां: पीली कौड़ियों या समुद्री सीपियों से बनी बंदनवार घर को काले जादू या किसी भी तरह की नकारात्मक ऊर्जा के असर से बचाती है
  • नारियल का रेशा: नारियल के रेशे से बनी बंदनवार कर्ज से छुटकारा दिलाने और घर से तरह-तरह की बीमारियों को दूर रखने में मदद करती है.
  • बंदानवार या तोरण घर में सकारात्मक और दैवीय ऊर्जा का स्वागत करते हैं. इसकी पत्तियों की हल्की और सुखद सुगंध दैवीय ऊर्जा को घर की ओर आकर्षित करती है.
  • बंदनवार लगाने से परिवार में एकता और शांति बनी रहती है.
  • ये रंग-बिरंगी सजावटी चीजें आपके घर के प्रवेश द्वार पर रंगों की बहार लाती हैं और उसे तुरंत आकर्षक बना देती हैं.
  • बंदनवार भारतीय घरों में केवल सजावट की चीजें नहीं हैं. ये समृद्धि और सौभाग्य के शक्तिशाली प्रतीक हैं. वास्तु के सिद्धांतों के अनुसार, प्रवेश द्वार पर इसे लगाने से घर में पॉजिटिव एनर्जी आती है.
  • आम या नीम की पत्तियों से बने ये सजावटी तोरण खास होते हैं क्योंकि इनमें मौजूद शुद्ध करने वाले गुण नकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश करने से रोकते हैं.

(डिस्क्लेमर: धर्म, ज्योतिष, वास्तु, फेंगशुई आदि पर आधारित यह लेख केवल पाठकों की जानकारी के लिए हैं. इस संबंध में किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह आवश्यक है. हमारा उद्देश्य केवल पाठकों को सूचित करना है. ETV Bharat इन तथ्यों की पुष्टि नहीं करता है)