गोवा: क्या मशहूर एक्टर नाना पाटेकर को चार दिन पहले ही अपनी मौत का आभास हो गया था? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि गोवा में सम्राट क्लब के एक कार्यक्रम के दौरान नाना ने कुछ ऐसी ही बात कही थी. उन्होंने कहा, ‘मैं कल यहां रहूंगा या नहीं, यह तो समय ही बताएगा. कोई किसी के बारे में कुछ नहीं कह सकता. जिंदगी हमारे हाथ में नहीं है.’ इन बातों से अब लोग सोच रहे हैं कि क्या नाना को सच में अपनी आने वाली मौत का पहले ही एहसास हो गया था.
एक्टर नाना पाटेकर पिछले चार दिनों से गोवा में कई कार्यक्रमों में शामिल हो रहे थे. 4 अक्टूबर को उन्होंने गोवा में इंटरनेशनल सम्राट क्लब के इंडक्शन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लिया. इस कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने ‘समाई’ डांस कर रहे बच्चों के साथ आनंद लिया और ‘ताशा’ (एक पारंपरिक ड्रम) बजाने की भी कोशिश की. इसके बाद उन्होंने मुख्य समारोह में भाषण दिया और कई विषयों पर उदाहरण दिए; हालांकि, उनकी एक खास बात अब चर्चा का विषय बन गई है.
उन्होंने कहा कि कोई भी भविष्य के बारे में भविष्यवाणी नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि आज वे यहां हैं, लेकिन हो सकता है कि कल न हों, क्योंकि समय का चक्र किसी को नहीं बख्शता. उन्होंने कहा कि भले ही जिंदगी हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन जब तक हम यहां हैं, तब तक अच्छे काम करना हमारे नियंत्रण में है. नतीजतन, आज गोवा में नाना के असामयिक निधन के बाद उनके ये शब्द चर्चा का विषय बन गए हैं और यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या उन्हें अपनी मृत्यु का पहले से ही आभास हो गया था.
सम्राट क्लब के कार्यक्रम में अपने खास अंदाज में बात करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी किसी एक्टिंग स्कूल में पढ़ाई नहीं की. उन्होंने कहा कि इंसान की असली भाषा वही होती है जिसमें वह सपने देखता है. वैसे तो उनकी अपनी भाषा मराठी थी, लेकिन हाल ही में उन्हें कोंकणी में सपने आने लगे थे, जो भविष्य में गोवा में बसने की उनकी इच्छा का संकेत था. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, और नाना ने गोवा में ही अपनी आखिरी सांस ली.

