बरेली : कैनविज इंडस्ट्रीज लिमिटेड में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में फरार मास्टर माइंड कन्हैया गुलाटी के दो करीबियों को बरेली पुलिस ने दबोच लिया है. पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच के बाद विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव को फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र के अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी कंपनी से जुड़े 44 लोगों के कथित कोर ग्रुप का हिस्सा हैं.
एसएसपी अनुराग आर्य के मुताबिक कन्हैया गुलाटी के खिलाफ नवंबर 2025 से अब तक बरेली में 93, बदायूं में तीन तथा अंबेडकरनगर और बस्ती में मुकदमे दर्ज हैं. बिहार और झारखंड में भी मामले दर्ज हैं. कुल 98 अभियोग दर्ज होने की जानकारी है. वह बारादरी थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है और उसकी गिरफ्तारी पर कुल 75 हजार रुपये का इनाम घोषित है.
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि दोनों आरोपियों विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव की पहचान के बाद लोकेशन ट्रेस की गई. साइबर टीम और सर्विलांस सेल की संयुक्त कार्रवाई में दोनों को गिरफ्तार किया गया. दोनों से कैनविज मामले और नेटवर्क से जुड़ी अन्य जानकारियों के लिए पूछताछ जारी है. पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों को रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जाएगा.
एसएसपी के मुताबिक विशाल शर्मा ने करीब 80 लाख रुपये और विनय श्रीवास्तव ने करीब 60 लाख रुपये लोगों से कैनविज कंपनी में निवेश कराए थे. दोनों के जरिए करीब 1.40 करोड़ रुपये निवेश कराए जाने की बात सामने आई है. दोनों को कन्हैया गुलाटी के करीबियों और कंपनी से जुड़े 44 लोगों के कथित कोर ग्रुप का हिस्सा हैं.
एसएसपी ने बताया कि बीते 13 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कन्हैया गुलाटी और पुलिस अधिकारियों को लेकर कई दावे किए गए थे. वीडियो की जांच में विशाल और विनय की पहचान सामने आने के बाद साइबर टीम व सर्विलांस सेल ने लोकेशन ट्रेस की. दोनों को रैपुरा अंडरपास के पास गिरफ्तार कर लिया गया. विशाल इज्जतनगर और साइबर थाने में दर्ज मामलों में वांछित था. फतेहगंज पश्चिमी थाने में दर्ज मुकदमे में भी दोनों की तलाश थी. वीडियो दोनों से जुड़े किसी साथी द्वारा वायरल किया गया था.