बाढ़ से निपटने को योगी सरकार की तैयारी तेज, प्रशासन को अलर्ट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के काम में जुटी है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है. प्रभावित परिवारों तक भोजन, राहत सामग्री और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के साथ ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम भी जारी है. बाढ़ से अब तक किसी तरह की जनहानि और पशुहानि नहीं हुई है.

बाढ़ प्रभावित जिले: उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय की सोमवार की रिपोर्ट के मुताबिक 19 जिले फिलहाल बाढ़ से प्रभावित हैं. अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कन्नौज, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, प्रयागराज, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी जिले प्रभावित हैं.

राहत कार्य में तेजी: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 549 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, जबकि राहत एवं स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए 248 मेडिकल टीमें तैनात हैं. इसके अलावा प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने के लिए 552 नाव एवं मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है.

भोजन और राहत सामग्री का वितरण: बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए भोजन और राहत सामग्री का वितरण भी लगातार किया जा रहा है. सोमवार को 10,449 खाद्यान्न पैकेट और 6,368 लंच पैकेट वितरित किए गए. अब तक प्रदेश में 65,532 खाद्यान्न पैकेट और 3.08 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं. इससे बाढ़ की वजह से प्रभावित परिवारों को भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिल रही है.

स्वास्थ्य का ख्याल: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है. मेडिकल टीमों को प्रभावित इलाकों में भेजकर लोगों को जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए सोमवार को 7,889 क्लोरीन टैबलेट और 3,302 ओआरएस वितरित किए गए. इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करने की कोशिश की जारी है.

पशुओं के लिए भी राहत व्यवस्था: सरकार और प्रशासन बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ-साथ उनके पशुधन का भी ध्यान रख रहा है. वर्तमान में 21,336 पशु प्रभावित हैं. पशुओं के लिए सोमवार को 20 क्विंटल भूसा वितरित किया गया, वहीं बाढ़ की शुरूआत से अब तक 4,279 क्विंटल भूसा वितरित किया जा चुका है. राहत अभियान के दौरान अब तक बाढ़ से जनहानि या पशुहानि की नहीं हुई है.

सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जा रहे प्रभावित: प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया है. मौजूदा स्थिति में 1,976 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. बाढ़ प्रभावितों के लिए 312 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 106 शिविर संचालित हैं. इन राहत शिविरों में फिलहाल 1,708 लोग रह रहे हैं. इस समय प्रशासन प्राथमिकता पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान, भोजन, चिकित्सा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है.