मेरठ: सोहराबगेट डिपो को PPP मॉडल पर बनाने के लिए प्रयास तेज हो गए हैं. जून में एयरपोर्ट की तर्ज पर बनने वाले रोडवेज स्टेशन के निर्माण की उम्मीद है. जब तक रोडवेज स्टेशन बनेगा, तब तक लोहिया नगर से बसों का संचालन किया जाएगा.
दिल्ली-एनसीआर के नजदीक यूपी का मेरठ लगातार बदल रहा है. एक तरफ गंगा एक्सप्रेस-वे की शुरुआत से पूरब और पश्चिम की दूरी घट चुकी है. वहीं नमो भारत ने पहले ही मेरठ को दिल्ली के नजदीक पहुंचा दिया है. मेट्रो ने भी मेरठ वासियों को राहत दी है.
ऐसे में अब परिवहन विभाग की तरफ से भी काफी समय से PPP मॉडल पर यहां के रोडवेज डिपो को बनाने के लिए की जा रही कवायदें भी अब अंजाम तक पहुंचने जा रही हैं. शहर के बीचो-बीच स्थित सोहराब गेट बस स्टेशन का अब कायाकल्प होने जा रहा है.
UPSRTC के मेरठ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप नायक ने बताया कि शासन से कार्यदाई संस्था का चयन हो चुका है. लगभग 100 करोड़ का बजट अत्याधुनिक रोडवेज डिपो के लिए निर्धारित किया गया है.
परिवहन निगम के सेवा प्रबंधक लोकेश राजपूत ने बताया कि मेरठ के सोहराब गेट डिपो बस स्टेशन को PPP मॉडल पर बनाया जाना प्रस्तावित है. इसकी कार्यदाई संस्था द्वारा संबंधित विभागों से NOC के लिए भी एप्लाई कर दिया गया है. NOC फाइनल स्टेज पर है और जल्द ही मिलने वाली हैं.
इसके बाद कार्य प्रारंभ हो जाएगा. वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है. सोहराब गेट डिपो की लगभग दो 200 बसें हैं. उनकी मेंटनेंस पार्किंग और डीजल जो देते हैं, वह सब आगामी दिनों में भैंसाली के मेरठ डिपो से मेंटेन करेंगे.
इसके अलावा विभिन्न रुट पर जो गाड़ियों का संचालन होगा उसके लिए मेरठ के लोहिया नगर में मेरठ विकास प्राधिकरण की ही एक जमीन है जो कि चिन्हित की गई है. उस जमीन को किराए पर परिवहन विभाग ले रहा है और वहां से वाहनों का संचलान करेंगे.
PPP मॉडल पर बनने वाले रोडवेज बस स्टेशन में बहुमंजिला ईमारत बनेगी. वहीं से रोडवेज बसों का भी संचालन होगा. इसके अलावा कुछ ऑफिस और मॉल भी विकसित होंगे.
लोकेश राजपूत ने बताया कि दो साल का समय PPP मॉडल पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस रोडवेज बस डिपो को बनाने के लिए लिया गया है. मेरठ डिपो के बराबर में ही कुछ भूमि है जिसे NCRTC से किराए पर लेने की प्रक्रिया भी पूर्ण की जा चुकी है. इसका हैंडओवर भी मिल गया है.
इसी तरह शीघ्र ही मेरठ विकास प्राधिकरण से जमीन लेने की प्रक्रिया हो चुकी है. इसके बाद वहां अस्थाई रोडवेज स्टेशन विकसित किया जाएगा. 202 परिवहन निगम की बसें हैं, जबकि 51 अनुबंधित बसों का संचालन लोहिया नगर से होगा. मेंटेनेंस मेरठ डिपो के नजदीक स्थित NCRTC से ली गई जमीन से होगा.
सोहराबगेट डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राजीव कुमार ने बताया कि रोडवेज बसों की वर्कशॉप के लिए जो जमीन मिली है, वह लगभग 4200 वर्गमीटर है. वहीं अब हापुड़ रोड पर लोहियानगर में प्रस्तावित अस्थायी बस अड्डे के लिए 9300 वर्गमीटर जमीन मिलते ही काम में भी तेजी आई है.
मेरठ विकास प्राधिकरण शीघ्र ही हैंडओवर देने वाला है. सोहराबगेट डिपो से वर्तमान में लखनऊ, मुरादाबाद, प्रयागराज, आगरा, बुलंदशहर, हापुड़, गोरखपुर समेत कई शहरों तक 200 बसें संचालित होती हैं.