यूपी के 75 जिलों में CM माटीकला रोजगार योजना लागू, 25% तक मिलेगी सब्सिडी

मेरठ: उत्तर प्रदेश में लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार काम कर रही है, तमाम ऐसी योजनाएं भी संचालित हो रही हैं, जिनका लाभ उठाकर युवा आगे बढ़ सकते हैं और हुनरमंद हो सकते हैं.

ऐसी ही एक योजना उन युवाओं के लिए है जो कि माटी कला के क्षेत्र से जुड़कर काम करना चाहते हैं, उन्हें 10 लाख तक के लोन की मदद सरकार कर रही है, इसके जरिए स्वरोजगार से जुड़कर युवा और लोगों को भी रोजगार दे सकते हैं. प्रदेश सरकार के माटी कला बोर्ड के तरफ से संचालित इस योजना में क्या कुछ है, कैसे यह लोन पाया जा सकता है, कौन इसकी पात्रता के दायरे में आते हैं और किस तरह से यह उपयोगी है? आइए जानते हैं…

 

25 प्रतिशत तक की सीधी सब्सिडी: जोनल ऑफिसर मान्या चतुर्वेदी ने बताया कि शासन से हाल ही में साल 2026-2027 के लिए लक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत बैंकों से लोन ले सकते हैं. इस योजना में 25 प्रतिशत तक की सीधी सब्सिडी भी है. अगर आवेदक प्रजापति समाज या कुम्हार समाज से हैं या परम्परागत कारीगर हैं तो इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. जो भी इच्छुक हैं, वे उत्तरप्रदेश माटीकला बोर्ड की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

ये जानकारी भी पोर्टल पर मांगी जाती: अफसरों का कहना है कि जो भी अभ्यर्थी आवेदन करेंगे तो उनका डाटा विभाग के माध्यम से संबंधित जिले के ऑफिस पर मौजूद रहता है. जिसके बाद लोन की प्रक्रिया होती है. इसमें एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी बनती है, जिसमें ये ब्यौरा आवेदक को देना होता है कि कुल कितनी पूंजी की उन्हें आवश्यकता है. ये सारी जानकारी भी आवेदक को ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी डिटेल के साथ अपलोड करना अनिवार्य होता है, सारी जानकारी देने के बाद ही फाइल आगे फॉरवर्ड होती है.

जहां तक इस योजना में लोन लेने के लिए योग्यता की बात है, तो आवेदक के पास प्रजापति समाज का सर्टिफिकेट होना चाहिए, तभी इस स्कीम में लोन लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं.

यूपी के सभी 75 जिलों के लिए योजना: जोनल ऑफिसर मान्या चतुर्वेदी बताती हैं कि मेरठ मंडल में शामिल 6 जिलों के लिए लक्ष्य प्राप्त हो चुका है, हर जिले में ऐसे 4-4 आवेदकों को इस स्कीम में लोन मिल सकता है, वहीं अगर प्रदेशभर की बात करें तो, 75 जिलों में माटीकला रोजगार योजना के तहत लोन मिल सकता है. हर जिले के लिए इस बार 4 लोगों को इस स्कीम से जोड़ने का लक्ष्य शासन से मिला है.

सीधे घर बैठे भी कर सकते हैं अप्लाई: ऑनलाइन आवेदन करने के लिए UP Matikala Board पोर्टल पर जाकर आवेदन किया जा सकता है. अभी 30 जून तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन किया जा सकता है. जिसके बाद मिट्टी के बर्तन, खिलौने, कुल्हड़, सजावटी सामान आदि से जुड़े स्वरोजगार करने के लिए सरकार की ये स्कीम उपयोगी साबित हो सकती है. इस योजना का लाभ शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को मिल सकता है.

अगर किसी आवेदक को कहीं कोई दुविधा है तो अपने जिले में ग्राम उद्योग अधिकारी के दफ्तर में जाकर भी जानकारी ले सकते हैं. देखने में आया है कि माटी कला बोर्ड की स्थापना के बाद से कई बड़े बदलाव हुए हैं, इस फील्ड में भी तकनीकी का साथ मिलने से बदलाव आया है और अब तो इलेक्ट्रिक चाख भी सरकार मुहैया करा रही है, वहीं कुछ ऐसे उत्पाद भी परंपरागत उत्पादों के अलावा लोग बना रहे हैं, जिन्हें काफी पसंद भी किया जा रहा है.

अपने उत्तर प्रदेश में माटी कला बोर्ड की स्थापना योगी आदित्यनाथ की सरकार में 2018 में शुरू हुई थी. जिसके बाद मिट्टी से जुड़े शिल्पकारों को रोजगार और आधुनिक तकनीक का लाभ मिल रहा है. परम्परागत इस काम से जुड़े परिवारों और कारीगरों को न सिर्फ इस योजना से प्रोत्साहन मिल रहा है, बल्कि ये बोर्ड उत्पादों को प्रोमोट करने का भी काम करता है.