लखनऊ: उत्तर प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. प्रदेश सरकार ने नई तापीय ऊर्जा परियोजना को मंजूरी प्रदान की है. कुल 2400 मेगावाट क्षमता वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की लागत लगभग 38,358 करोड़ रुपए होगी. इस परियोजना को प्रदेश सरकार और एनटीपीसी के संयुक्त उपक्रम के माध्यम से स्थापित और संचालित किया जाएगा.
उत्तर प्रदेश में भविष्य की बढ़ती विद्युत मांग को देखते हुए 765/400 kV, (4×1500 MVA) मीरजापुर पूलिंग उपकेंद्र (एआईएस) और सम्बन्धित पारेषण लाइनों के निर्माण का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है. इस परियोजना के माध्यम से विभिन्न तापीय और पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं से उत्पादित विद्युत के सुचारु निर्गमन को सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनेगी. ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि पिछले चार वर्षों में प्रदेश में लगभग 4000 मेगावाट की नई तापीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी गई है, जिससे प्रदेश की तापीय ऊर्जा क्षमता लगभग दोगुनी हो चुकी है. अब सरकार इसे तीन गुना करने के लक्ष्य की दिशा में कार्य कर रही है. यह नई परियोजना उसी संकल्प का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान एनटीपीसी के साथ इस परियोजना के लिए अनुबंध किया था. आज मंत्रिपरिषद से मिली मंजूरी उस संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम है. मीरजापुर पूलिंग उपकेंद्र परियोजना के अंतर्गत अडानी मीरजापुर तापीय परियोजना, JSW की पम्प्ड स्टोरेज परियोजना और अडानी सौर ऊर्जा परियोजना सहित अन्य ऊर्जा परियोजनाओं को मजबूत पारेषण नेटवर्क से जोड़ा जाएगा. मीरजापुर पूलिंग उपकेंद्र को साझा सार्वजनिक अवसंरचना के रूप में विकसित किया जाएगा. परियोजना की कुल अनुमानित लागत 2799.47 करोड़ रुपए है, जिसमें उपकेंद्र और ‘बे’ निर्माण के लिए 1315.91 करोड़ रुपए और पारेषण लाइनों के लिए 1483.56 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं.
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से प्रदेश में उद्योगों, किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को सस्ती, पर्याप्त और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने में बड़ी सहायता मिलेगी, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी. उत्तर प्रदेश अब सिर्फ जनसंख्या के आधार पर ही नहीं, बल्कि ऊर्जा क्षमता और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी देश का अग्रणी राज्य बनता जा रहा है. सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर घर, हर गांव और हर उद्योग तक गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाई जाए.