योगी सरकार का बड़ा एक्शन: सोनभद्र में रिहन्द-ओबरा के 6 अफसर-कर्मचारी हटाए, सामने आई वजह

लखनऊ: प्रदेश सरकार के मत्स्य मंत्री डा. संजय कुमार निषाद के निर्देश पर सोनभद्र में रिहन्द और ओबरा जलाशयों में संचालित केज मत्स्य पालन योजनाओं में प्राप्त शिकायतों व अनियमितताओं का गंभीरता से संज्ञान लेकर कठोर कार्रवाई की है. उन्होंने छह अधिकारियों और कर्मचारियों को मत्स्य निदेशालय लखनऊ से संबद्ध किया है. मत्स्य मंत्री के निर्देश पर गठित उच्चस्तरीय समिति ने स्थलीय निरीक्षण किया, जिसमें विभिन्न स्तरों के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से जांच की. निरीक्षण आख्या में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि लाभार्थियों के चयन और योजना क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरती गई है.

विभाग ने जारी किया आदेश: इस संबंध में मत्स्य विभाग की तरफ से आवश्यक आदेश जारी कर दिया गया है. आदेशानुसार दोषी पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से मत्स्य निदेशालय, लखनऊ में सम्बद्ध कर दिया गया है. संबद्ध अधिकारियों और कर्मचारियों में धर्मेन्द्र सिंह बघेल, उप निदेशक मत्स्य (विन्ध्याचल मण्डल मीरजापुर), राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, सहायक निदेशक मत्स्य सोनभद्र, राकेश कुमार ओझा, ज्येष्ठ मत्स्य निरीक्षक, राजकुमार, वरिष्ठ सहायक, औरंगजेब खान उर्दू अनुवादक सह वरिष्ठ सहायक और गोविन्द कुमार गुप्ता कनिष्ठ सहायक हैं. मत्स्य मंत्री डा. संयज कुमार निषाद ने कहा कि प्रदेश सरकार मत्स्य पालन क्षेत्र के समग्र विकास और मछुआ समुदाय के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. केज मत्स्य पालन जैसी योजनाओं को पारदर्शी और प्रभावी ढंग से लागू करना सरकार की प्राथमिकता है, जिससे लाभार्थियों को वास्तविक लाभ मिल सके और राज्य में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिले.मछुआ पद पर जल्द होगी भर्ती
मत्स्य विकास मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने सोमवार को विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में समीक्षा बैठक में कहा कि मछुआ (चतुर्थ श्रेणी तकनीकी) पद पर भर्ती के लिए आवश्यक कार्रवाई कर जल्द पद भरे जाएं. विभाग में जो भी पद खाली हैं उन पर नियमानुसार शीघ्र भर्ती की जाए. अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शासन या निदेशालय स्तर पर किसी भी पटल पर कोई भी पत्रावली लंबित न रहे. पत्रावली निर्धारित अवधि में पूर्ण की जाएं और इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए. अधिकारियों को निर्देश दिये कि वित्तीय वर्ष 2026-27 प्राप्त बजट के लिए सुदृढ़ कार्ययोजना बनायी जाए.

निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार निर्धारित अवधि में ही कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा जाए. मत्स्य पालकों के हित में संचालित योजनाओं का व्यापक तरीके से प्रचार-प्रसार कराया जाए. बैठक में मंत्री संजय निषाद ने मछुआ भर्ती, चालक भर्ती, मत्स्य विकास निधि, नदियों में रिवर रिंचिंग, ग्राम समाज का पट्टा, अमृत सरोवर, मत्स्य पालक कल्याण कोष, मत्स्य जीवी सहकारी संघ एवं मत्स्य विकास निगम के जलाशयों/प्रक्षेत्रों के निस्तारण और जमा राजस्व की स्थिति व जलाशयों में बीज संचय की स्थिति के साथ ही अन्य बिन्दुओं की गहन समीक्षा की.