रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह प्रयागराज पहुंचे, नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का करेंगे उद्घाटन

प्रयागराज : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार की शाम प्रयागराज पहुंचे. शाम करीब 5.15 बजे वह सेना के विशेष विमान से बम्हरौली एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचे. न्यू कैंट पहुंचने के बाद अरैल में सेना की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. वे कोबरा ऑडीटोरियम में आयोजित नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का शुभारंभ करेंगे. यह आयोजन 4 से 6 मई तक चलेगा. सिम्पोजियम के इनॉगरेशन के बाद दोपहर में वह दिल्ली प्रस्थान कर जाएंगे. यह प्रदर्शनी भारतीय सेना की उत्तरी कमान और मध्य कमान तथा सोसायटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चररर्स एसआईडीएम द्वारा संयुक्त रूप से 4 से 6 मई, 2026 तक आयोजित की जा रही है.

यह आयोजन भारतीय सेना में परिचालन संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए अत्याधुनिक स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के प्रदर्शन और एकीकरण के लिए जीवंत मंच के रूप में कार्य करेगा. संगोष्ठी के लिए चुना गया विषय ‘रक्षा त्रिवेणी संगम- जहां प्रौद्योगिकी, उद्योग और सैनिक कौशल का संगम होता है’ रखा गया है. इसमें देश भर के MSMEs, निजी रक्षा प्रौद्योगिकी फर्म, स्टार्टअप्स और सैन्य कर्मियों सहित कई प्रतिभागी शामिल होंगे. 284 कंपनियां अपने नवीनतम नवाचारों और प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करने के लिए स्टॉल लगा रही हैं.

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आगमन को लेकर अरैल घाट पर कड़ा सुरक्षा पहरा लगाया गया है. यहां पुलिस के साथ ही मिलिट्री के जवान भी तैनात किए गए हैं. अरैल घाट को नो फ्लाइंग जोन भी घोषित कर दिया गया है. यह प्रतिबंध दो मई की शाम पांच बजे से शुरू हो गया है और रविवार रात 12 बजे तक लागू रहेगा. इस दौरान अगर कोई ड्रोन उड़ाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम में नॉर्थ टेक सिम्पोजियम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य मंत्री (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) जीतेंद्र सिंह भी शामिल होंगे, जो की न्यू कैंट स्थित कोबरा ऑडिटोरियम के पास आयोजित होगा. कार्यक्रम का समय हर दिन सुबह 9 से शाम 5 बजे तक रखा गया है. इसमें सेना के वरिष्ठ अधिकारी, सरकारी अधिकारी, रक्षा विशेषज्ञ और उद्योग जगत से जुड़े लोग मौजूद रहेंगे.

आधुनिक रक्षा उपकरणों का होगा प्रदर्शन

सिम्पोजियम में सेना में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों और आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा. कई उपकरणों का लाइव डेमो भी दिखाया जाएगा, ताकि लोग समझ सकें कि ये तकनीकें कैसे काम करती हैं. इसी तरह ड्रोन, ऑल-टेरेन वाहन, सर्विलांस सिस्टम और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी तकनीकों को खास तौर पर दिखाया जाएगा.

स्वदेशी तकनीकों पर रहेगा जोर

इस आयोजन का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थानों और सेना को एक मंच पर लाना है. यहां रक्षा तकनीक और भविष्य की जरूरतों को लेकर चर्चा भी होगी. साथ ही रक्षा नवाचार, सैन्य निर्माण और नई तकनीकों पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे. विशेषज्ञ बताएंगे कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कैसे आगे बढ़ रहा है.