कानपुर: लखनऊ के अलीगंज के एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ का पूरे प्रदेश में सख्त एक्शन देखने को मिल रहा है. वहीं, कानपुर में ऐसा हादसा न हो इसके लिए शहर में केडीए, नगर निगम और कमिश्नरेट पुलिस के अफसर जांच के लिए निकल पड़े. सोमवार शाम से ही अफसरों व कर्मियों की टीमों ने शहर के अलग-अलग जोंस में पहुंचकर ऐसे भवनों का निरीक्षण किया, जहां अग्निशमन से बचाव को लेकर कोई इंतजाम नहीं थे.
केडीए अफसरों के मुताबिक जोन एक, दो तीन व चार में 20 से अधिक कोचिंग संस्थानों की जांच की गई, जिनमें पांच से अधिक संस्थानों में संचालन बेसमेंट पर होने के चलते उनके परिसर को सील कर दिया गया. इसकी पुष्टि केडीए के ओएसडी डॉ. रवि प्रताप सिंह ने की. उन्होंने कहा अब लगातार हमारी ओर से अभियान जारी रहेगा और मानक पूरे न करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई होगी.
पुलिस कमिश्नर आज करेंगे बैठक: शहर में पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल मंगलवार को अपने कार्यालय में कानपुर के होटल, रेस्टोरेंट व कोचिंग संचालकों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें मुख्य रूप से संस्थानों में आग से बचाव संबंधी प्रबंध को लेकर चर्चा होगी. पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने कहा, पिछले कई माह से कमिश्नरेट पुलिस द्वारा इस मामले पर अभियान जारी थी. अभी तक हमें ऐसे 40 संस्थान मिले हैं, जहां आग संबंधी बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं. ऐसे संस्थान के संचालकों को हम नोटिस जारी करेंगे और सभी के खिलाफ कार्रवाई भी होगी.
आएदिन ही शहर में होते अग्निकांड, अफसर बने रहते अनजान: शहर में आएदिन ही अग्निकांड होते हैं. हालांकि, फायर सर्विस विभाग, पुलिस विभाग के अफसर उस समय तक अनजान बने रहते हैं, जब तक उन्हें हादसे की जानकारी मिलती है. शहर में कई ऐसे ऊंचे भवन और इमारतें भी बनी हुई हैं, जो मानकों के विपरीत हैं। बावजूद इसके उनको लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
लखनऊ में हुए हादसे के बाद सीएफओ दीपक शर्मा का कहना था, मानकों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्था संचालक को अब बख्शा नहीं जाएगा. केडीए अफसरों द्वारा शहर के तमाम ऐसे कोचिंग संस्थानों के बेसमेंट सील किए गए, जहां मानकों का उल्लंघन हो रहा था.
कानपुर देहात डीएम हुए सख्त,लिया ये फैसला: कानपुर देहात जिलाधिकारी ने जिले की समस्त कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा मानकों एवं वैधानिक व्यवस्थाओं की जांच के लिए तहसीलदार संयुक्त जांच टीम का गठन कर दिया है. जांच के दौरान कोई भी कोचिंग सेंटर निर्धारित प्रक्रिया और अनुमति के बिना संचालित पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी.
जिलाधिकारी कानपुर देहात कपिल कुमार ने जिले में बिना मानकों के अनुरूप चलने वाले कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए तहसीलदार संयुक्त टीम जांच के लिए गठित कर दी है. जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक तहसील में उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पुलिस, अग्निशमन एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सम्मिलित करते हुए जांच दल गठित किए गए हैं.यह टीमें जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा उपलब्ध कराई गई कोचिंग सेंटरों की सूची के आधार पर जनपद में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों का स्थलीय निरीक्षण करेंगी.
बनारस में 9 कोचिंग सेंटर्स की बिल्डिंग की हुई जांच, 5 में मिली खामियां नोटिस जारी: वाराणसी में भी अग्निशमन विभाग ने घटना के बाद कोचिंग संस्थानों में वाचन निरीक्षण शुरू किया. जिसके बाद कर कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है. इस बारे में के फायर ऑफिसर आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि वाराणसी में संचालित कोचिंग सेंटरों में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत अग्निशमन अधिकारियों ने सोमवार को निरीक्षण किया. उन्होंने बताया इस निरीक्षण के दौरान स्थिति अच्छी नहीं मिली कई कोचिंग सेंटर में तो आज से लड़ने की व्यवस्था ही नहीं थी जबकि कई में लगे हुए इक्विपमेंट काम नहीं कर रहे थे कई जगहों पर खाली छोटे फायर एक्सटिंगयुतर से काम चलाया जा रहा था. नेसेसिटी में फायर सेफ्टी को लेकर किए गए निरीक्षण में जो भी खामियां मिली हैं. उसके लिए कोचिंग सेंटर उसको नोटिस जारी किए जा रहे हैं यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और अलग-अलग जगह पर से कंटिन्यू रखा जाएगा. शहर की जितनी भी बड़ी इमारतें हैं उनके फायर सेफ्टी ऑडिट को नए सिरे से करके आवश्यक कार्रवाई शुरू की जा रही है.
मिर्जापुर जिला प्रशासन अलर्ट, कई कोचिंग सेंटर की जांच: लखनऊ हादसे के बाद मिर्जापुर जिला प्रशासन अलर्ट,देर शाम कई कोचिंग सेंटर पर पुलिस और प्रशासन पहुंचकर सुरक्षा मानकों की जांच किया.कोचिंग सेंटर पर जांच के दौरान लगे फायर सिलेंडरों की भी जांच की गयी. शहर के तहसील चौराहे पर स्थित जनपद के सबसे बड़े कोचिंग संस्थान आकाश कोचिंग सेंटर में सिटी मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार और एएसपी नीतीश सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ पहुंचकर जांच पड़ताल किया. जांच के दौरान सुरक्षा मानकों की जांच की गई इसके अलावा कोचिंग सेंटर में लगे फायर सिलेंडरों की जांच की गई. सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि यह कोचिंग संस्थानों की जांच का यह अभियान जनपद में चलाया जा रहा है. फायर नॉर्म्स पूरा करने के बाद ही अनुमति दी जाएगी.