वाराणसी : युवाओं में स्किल डेवलपमेंट के तहत वाराणसी में स्किल और टेक्नोलॉजी सेंटर तैयार किया जा रहा है, जिसमें 1 लाख युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी. बड़ी बात यह है कि, यह युवा अलग-अलग क्षेत्र में ट्रेनिंग लेंगे. जिससे वह रोजगार ले सकते हैं. जी हां, बनारस में युवा हवाई जहाज के पार्ट्स से लेकर मोबाइल बनाने तक हुनर सीखेंगे.
वाराणसी उद्यम विभाग के संयुक्त आयुक्त उमेश सिंह ने बताया कि, पूर्वांचल के युवाओं को रोजगार देने, आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से वाराणसी में दो नई बड़ी शुरुआत हो रही है. जिसमें टेक्नोलॉजी सेंटर और ट्रेनिंग सेंटर तैयार किया जाएगा. इसके पहले वाराणसी में सिपेट सेंटर संचालित किया जा रहा है, जहां अलग-अलग ट्रेड में युवाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है.
उन्होंने बताया कि इन सेंटर में आवश्यकता के अनुसार, श्रमिकों को प्रशिक्षित करके कुशल कारीगर बनाया जाएगा, उन्हें टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा जाएगा. जिसमें आठवीं से लेकर बीटेक करने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा. इसके साथ ही डिप्लोमा एडवांस डिप्लोमा सर्टिफिकेट जैसे कोर्स संचालित किए जाएंगे. जिसमें हवाई जहाज से लेकर ट्रक, ट्रेन के पार्ट्स को बनाने और उनका डिजाइन करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, सॉफ्टवेयर डेवलप किया जाएगा.
100 करोड़ से बन रहा स्किल सेंटर : उन्होंने बताया कि, दोनों प्रस्ताव के लिए प्रदेश सरकार को जिलाधिकारी के माध्यम से जमीन चिन्हित करके भेजी गई है. स्वीकृत होने के बाद काशी में यह दो बड़े सेटअप स्थापित हो जाएंगे, जिससे सीएसआर फंड के जरिए 100 करोड़ की लगात से तैयार हो रहे स्किल सेंटर में 1 लाख युवाओं को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य है. जिससे युवाओं को स्किल डेवलपमेंट के साथ रोजगार मिलेगा.
युवाओं को भी मिलेगा रोजगार : उन्होंने बताया कि जो युवा बाहर पढ़ने के लिए जाते हैं, ट्रेनिंग के लिए सर्टिफिकेट के लिए जाते हैं, वह विभिन्न ट्रेड में यहीं पर ट्रेनिंग कर सकते हैं. इसमें मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर तमाम तरीके की ट्रेनिंग स्थानीय स्तर पर कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें अब बाहर जाना नहीं पड़ेगा और इसके बाद बाकायदा प्लेसमेंट के जरिए युवाओं को रोजगार भी मिलेगा.
200 करोड़ से बनेगा टेक्नोलॉजी सेंटर : उद्यम विभाग के संयुक्त आयुक्त के मुताबिक, वाराणसी में केंद्रीय सूचना लघु एवं मध्यम विभाग की ओर से 200 करोड़ रुपये की लागत से टेक्नोलॉजी सेंटर बनाने की तैयारी पूरी हो गई है. जिससे वाराणसी समेत पूर्वांचल के इंजीनियरिंग में रुचि रखने वाले छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा. इसको लेकर बाकायदा पिंडरा में 12 एकड़ की जमीन को भी चिन्हित कर लिया गया है. जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू हो गई है और उसका प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेज भी दिया गया है.