PM मोदी का वाराणसी दौरा: नीलकंठ तिवारी को अनोखे अंदाज में दिया आशीर्वाद, वीडियो वायरल

वाराणसी: PM मोदी का वाराणसी दौरा कई मायनों में सियासी गलियारे में चर्चा का विषय है. पीएम का भोजपुरी अंदाज लोगों को खूब भाया. काशी विश्वनाथ परिसर में त्रिशूल लहराना भी चर्चा में रहा. इसी बीच पूर्व मंत्री नीलकंठ तिवारी को मुक्का मारकर आशीर्वाद देते पीएम मोदी का वीडियो वायरल हो रहा है.

पीएम मोदी के इस वीडियो को पूर्व मंत्री ने भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है. वहीं आम जनमानस भी इस पर रोचक टिप्पणियां कर रहा है. लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने पूर्व मंत्री को 2027 का आशीर्वाद दे दिया है. वहीं, कुछ लोग इसे पीएम का बनारसी अंदाज बता रहे हैं.

काशी विश्वनाथ धाम में पीएम मोदी के मुक्के ने पूर्व मंत्री नीलकंठ तिवारी को पीठ सहलाने पर मजबूर कर दिया. यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है. पीएम मोदी 29 अप्रैल को बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने पहुंचे थे. जहां मंदिर में उनके स्वागत के लिए मंत्री, विधायक और मेयर मौजूद थे. पीएम मोदी एक-एक कर सबका अभिवादन स्वीकार किया.

जब बारी पूर्व मंत्री व शहर दक्षिणी के विधायक नीलकंठ तिवारी की आई तो पीएम मोदी ने उनका अभिवादन बनारसी अंदाज में किया. पीएम मोदी ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें झुकाया और पीठ पर एक मुक्का मार दिया. यह मुक्का कितना जोरदार था, इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि नीलकंठ तिवारी अपनी पीठ सहलाते नजर आए. यह वीडियो चर्चा में आ गया है.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यूपी के मंत्री अनिल राजभर, सौरभ श्रीवास्तव, मेयर अशोक तिवारी और नीलकंठ तिवारी मौजूद हैं. प्रधानमंत्री सभी से मिलते हुए जब नीलकंठ तिवारी के पास आते हैं तो वह थोड़ा सा झुककर अभिवादन करते हैं, जिसके बाद पीएम मोदी उनकी पीठ तेजी से थपथपाते हैं और विधायक सम्मान में थोड़ा सा और झुक जाते हैं.

पीएम मोदी जब भी ऐसा करते हैं तो उस नेता का प्रमोशन पक्का समझा जाता है. नीलकंठ तिवारी से पीएम मोदी का इस तरह से आत्मीयता से मिलना काशी सहित प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. लोग यह कयास लगा रहे हैं कि पीएम ने उन्हें 2027 के विधानसभा के चुनाव के लिए आशीर्वाद दे दिया है.

यह भी कहा जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद बाकी विधायकों के मन में 2027 को लेकर या तो डर बैठ गया होगा या फिर अपने विधायक के प्रति थोड़ी सी ईष्या जरूर हो गई होगी कि उनको पीएम का स्पेशल आशीर्वाद मिला है.

यह आशीर्वाद कई मायनों में महत्वपूर्ण इसलिए है कि नीलकंठ तिवारी का कद वाराणसी के नेताओं में अभी भी ऊंचा माना जाता है. साथ ही इनकी नजदीकी भी सरकार के साथ अच्छी और मजबूत रही है. विधानसभा चुनाव 2027 के बाद या उस दौरान नीलकंठ तिवारी को कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है.

पीएम के जाने के बाद लिया कचौरी-जलेबी का स्वाद: प्रधानमंत्री का दो दिवसीय कार्यक्रम भाजपा नेताओं के लिए काफी भागदौड़ भरा रहा. इस गर्मी में हर कोई इस कार्यक्रम को सफल बनाने में लगा रहा. पीएम के कार्यक्रम में कोई चूक न हो इसका भी सभी ने ध्यान रखा.

पीएम का व्यस्तता भरा कार्यक्रम समाप्त हुआ तो नेताओं ने राहत की सांस ली. उनके जाने के बाद सभी ने आराम से कचौरी-जलेबी का जमकर आनंद लिया. इसका भी वीडियो वायरल हो रहा है.