सीएम योगी के वन विभाग को निर्देश: जबरन पेड़ न काटे जाएं, VB-G RAM G योजना पर कही बात

लखनऊ : राज्य वन्यजीव परिषद की 20वीं बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई. इस दौरान विभिन्न वन्यजीव क्षेत्रों में विकास की विभिन्न परियोजनाओं पर परिषद के समक्ष कुल 12 नए प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए. इनमें सड़क चौड़ीकरण, पेट्रोल पंप एवं फ्यूल स्टेशन स्थापना, ट्यूबवेल प्रेशर प्रणाली, भूमिगत पाइपलाइन, मोबाइल टावर, ऑप्टिकल फाइबर केबल और संपर्क मार्ग निर्माण जैसी विभिन्न परियोजनाएं शामिल हैं. प्रस्ताव इटावा, गोंडा, पीलीभीत, बरेली, बांदा सहित विभिन्न जनपदों के वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों और इको-सेंसिटिव जोन से संबद्ध हैं.

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन्यजीव क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न कार्यों और विकास के बाबत निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने कहा कि सभी विकास प्रस्ताव संवेदनशीलता और दूरदर्शिता के साथ तैयार किए जाएं. प्रस्ताव भेजते समय संबंधित विभाग पर्यावरणीय जोखिम, जैव-विविधता पर संभावित प्रभाव, वन्यजीव मूवमेंट, वैकल्पिक मार्गों और आधुनिक तकनीकी समाधानों का विस्तृत और वैज्ञानिक विश्लेषण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें.

पेड़ों की कटान के बाबत सख्त चेतावनी : मुख्यमंत्री ने वृक्ष कटाई से संबंधित प्रस्तावों पर निर्देश दिए कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक वृक्ष कटान की अनुमति न दी जाए. वृक्षों की कटाई सिर्फ अपरिहार्य परिस्थितियों में ही की जाए. जहां विकल्प उपलब्ध हों वहां ट्रेंचलेस टेक्नोलॉजी, एलिवेटेड स्ट्रक्चर और इको-फ्रेंडली तकनीकों को प्राथमिकता दी जाए. विकास परियोजनाओं की गति और वन्यजीव संरक्षण, दोनों राज्य सरकार की प्राथमिकताएं हैं.

विकसित भारत-जी राम जी’ योजना से कराएं काम : मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ वेटलैंड्स में सिल्ट जमा होने की जानकारी संज्ञान में आई है. जिसका तत्काल निराकरण कराया जाए. ये कार्य ‘विकसित भारत-जी राम जी’ अभियान के अंतर्गत कराए जा सकते हैं. वेटलैंड्स प्राकृतिक धरोहर हैं और प्रत्येक दशा में उनका संरक्षण किया जाना चाहिए. वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों में प्रस्तावित सभी विकास और निर्माण कार्य वैज्ञानिक मानकों, न्यूनतम पर्यावरणीय प्रभाव और विधिक प्रक्रियाओं के अनुपालन के साथ ही किए जाएं.