10 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया कर्मचारी बर्खास्त, चकबंदी आयुक्त की सख्त कार्रवाई

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है. बुधवार को चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने बड़ी कार्रवाई की है. भ्रष्टाचार के मामले में न्यायालय से सजा सुनाए जाने के बाद चकबंदी मुख्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजकुमार सिंह को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है.

राजस्व विभाग के जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि राजकुमार सिंह (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) चकबंदी मुख्यालय को भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ इकाई की ट्रैप टीम ने 13 जून 2018 को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. इस संबंध में लखनऊ के थाना तालकटोरा में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया था.

उन्होंने बताया कि न्यायालय अपर जनपद और सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पी.सी.-1) ने राजकुमार सिंह को संबंधित अपराध में दोषी पाते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है. जिसके बाद चकबंदी आयुक्त ने दोषी कर्मचारी को दंडादेश की तिथि 23 दिसंबर 2025 से सेवा से पदच्युत कर दिया है.

राजस्व विभाग के जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि नियमों के अनुसार सेवा से इस प्रकार बर्खास्त किए जाने के बाद राजकुमार सिंह भविष्य में किसी भी प्रकार के सरकारी नियोजन या पद के लिए पात्र नहीं होंगे. यह कार्रवाई विभाग के अन्य कर्मचारियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के विरुद्ध विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति प्रभावी रूप से जारी रहेगी.