अयोध्या: नव संवत्सर और चैत्र शुक्ल नवरात्र प्रतिपदा के अवसर पर 19 मार्च को राम मंदिर में एक भव्य आयोजन होने जा रहा है. इस दिन मंदिर परिसर में ‘श्री राम महायंत्र स्थापना’ का विशेष अनुष्ठान संपन्न किया जाएगा. इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी अयोध्या पहुंच रही हैं. पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक विदेशी और देशी फूलों से सजाने की व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं.
काशी के विद्वान कराएंगे अनुष्ठान: राम मंदिर के द्वितीय तल के गर्भगृह में श्री राम महायंत्र की स्थापना का मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा. इस पवित्र कार्य को संपन्न करने के लिए काशी के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पद्मभूषण पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ 51 आचार्यों की टोली के साथ उपस्थित रहेंगे. जानकारी के अनुसार यह अनुष्ठान सुबह 6 बजे से प्रारंभ होगा और अभिजीत मुहूर्त में यंत्र की स्थापना की जाएगी. इसके पश्चात हवन कुंड में पूर्ण आहुति देते हुए अनुष्ठान को विधि-विधान से संपन्न किया जाएगा.
राष्ट्रपति रहेंगी मौजूद, श्रमिकों का सम्मान होगा: महायंत्र स्थापना के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लगभग डेढ़ घंटे तक मंदिर परिसर में मौजूद रहेंगी. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम की भव्यता के लिए फूलों के विशेष गेट बनाए जा रहे हैं. मंदिर निर्माण में अपना पसीना बहाने वाले श्रमिकों और वर्करों को भी इस विशेष अवसर पर सम्मानित किया जाएगा. महामहिम राष्ट्रपति का स्वागत पूरी गरिमा और भव्यता के साथ करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है.
नवरात्र अनुष्ठान और विद्वानों का संगम: चैत्र शुक्ल नवरात्र के उपलक्ष्य में राम मंदिर में नौ दिवसीय विशेष अनुष्ठान का भी आयोजन होगा. पहले दिन कलश स्थापना के साथ नवाह पाठ और दुर्गा सप्तशती पाठ जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे. इस आयोजन के लिए उत्तर और दक्षिण भारत के प्रख्यात विद्वान आचार्यों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है. यह पूरा धार्मिक कार्यक्रम पेजावर पीठाधीश्वर जगतगुरु माधवाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ के कुशल निर्देशन में संपन्न होगा.