CCS ने पश्चिम एशिया में फंसे भारतीयों की मदद के लिए कदम उठाने का दिया निर्देश

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में रविवार देर रात हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति की समीक्षा की गई. समिति ने सभी संबंधित विभागों को अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है.

सीसीएस ने दुश्मनी को जल्द खत्म करने और बातचीत और कूटनीति पर लौटने की जरूरत पर भी जोर दिया.

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि सीसीएस की बैठक पश्चिम एशिया में बन रहे हालात की समीक्षा करने के लिए हुई, और उन्हें 28 फरवरी को ईरान में हवाई हमलों और उसके बाद कई खाड़ी देशों में ईरानी हमलों सहित मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी गई.

बयान में कहा गया कि सीसीएस ने इस इलाके में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई. सीसीएस ने इस क्षेत्र में आने-जाने वाले भारतीय यात्रियों और पूर्व निर्धारित परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को होने वाली मुश्किलों के साथ-साथ क्षेत्री की सुरक्षा और आर्थिक और वाणिज्यिक गतिविधियों पर इसके बड़े प्रभाव की भी समीक्षा की.

बयान में कहा गया, “CCS ने सभी संबंधित विभागों को इन घटनाओं से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए जरूरी और संभव कदम उठाने का निर्देश दिया. इसमें दुश्मनी को जल्द खत्म करने और बातचीत और कूटनीति पर लौटने की अहमियत पर जोर दिया गया.”

सीसीएस मीटिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा और शक्तिकांत दास, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन और विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी शामिल हुए.