लखनऊ: विश्व स्वास्थ्य दिवस को लेकर सीएम योगी ने प्रदेशवासियों को चिट्ठी लिखी है. सीएम ने लिखा कि पहले की सरकारों की उदासीनता से मस्तिष्क ज्वर से मृत बच्चों के परिजन रोते-बिलखते दिखते थे. 9 वर्ष पहले यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति दयनीय थी. हमारी सरकार को सेवा का अवसर मिला तो पूर्वी यूपी के अभिशाप जापानी इंसेफेलाइटिस का अंत हुआ.
सीएम योगी ने पाती में लिखा कि यूपी में नए अस्पताल बने, सुविधाएं बढ़ीं. विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हुई और उत्तम उपचार आम आदमी की पहुंच में आया. यूपी में दवा, जांच और टीकाकरण सुलभ हुआ है. 2017 के सापेक्ष 36 से बढ़कर आज 83 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं.
आज किसी को उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है. अपनी जमीन बेचने की विवशता नहीं है. PHC में हेल्थ ATM की स्थापना से लेकर 108 एम्बुलेंस सेवा, टेली कंसल्टेशन, मोबाइल मेडिकल यूनिट, निःशुल्क डायलिसिस सेवा इसी प्रतिबद्धता का परिणाम है. आरोग्य मेलों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया गया है.
9 करोड़ से अधिक लोगों को 5 लाख तक का निःशुल्क चिकित्सा सुरक्षा कवच मिला है. आयुष्मान आरोग्य मंदिर और योग वेलनेस सेंटर जैसी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के केंद्र स्थापित किए गए हैं. ‘सर्वे संतु निरामयाः’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘प्रिवेंटिव हेल्थ’ को प्राथमिकता दी गई है.
उन्होंने लिखा कि खेलों से स्वास्थ्य का सीधा संबंध होता है, इसलिए राज्य में स्पोर्ट्स फ्रेंडली इकोसिस्टम विकसित किया गया है. आज प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान, ब्लॉक में मिनी स्टेडियम और प्रत्येक जनपद में आधुनिक स्टेडियम निर्मित किए जा रहे हैं. खेल, युवाओं को नशे से दूर रखने में सहायक होता है, बच्चों को सशक्त बनाता है.
मैं अभिभावकों से अपील करता हूं कि वह बच्चों को खेल-कूद की गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें. खेल, योग और व्यायाम को युवा अपनी दिनचर्या में शामिल करें. स्वस्थ जीवनशैली ही स्वस्थ जीवन का आधार है.
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति के नाम पाती लिखी थी. इस पाती में उन्होंने उत्तर प्रदेश के सरकार की तरफ से महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं और मिशन शक्ति के तहत नारियों को सशक्त करने के लिए सरकार के प्रयासों के बारे में बताया था.