लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने असमय हुई भारी बारिश, ओले गिरने और आकाशीय बिजली से प्रभावित किसानों, बटाईदारों और उनके परिवारों के लिए तुरंत राहत पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए हैं. सीएम ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में अन्नदाताओं के साथ सरकार पूरी तरह खड़ी है. किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
योगी ने चित्रकूट में एक किसान की फसल में लगी आग की घटना का संज्ञान लेते हुए, अधिकारियों को तुरंत नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा देने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर प्रभावित किसान और बटाईदार को क्षतिपूर्ति में कोई देरी नहीं होनी चाहिए. राहत कार्यों में ढिलाई अक्षम्य है. पिछले एक सप्ताह में प्रदेश में भारी बारिश और आकाशीय बिजली से 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हुए हैं. साथ ही 33 पशुओं की भी मौत हुई है.
मुख्यमंत्री के 24 घंटे के अंदर मुआवजा वितरण के निर्देश पर जिलाधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को राहत राशि पहुंचानी शुरू कर दी है. राहत आयुक्त कार्यालय सभी जिलों पर लगातार नजर रख रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा, असमय बारिश और ओले गिरने से हुए नुकसान पर सरकार पूरी तरह संवेदनशील है. हर प्रभावित क्षेत्र का तत्काल सर्वेक्षण कर नुकसान का निष्पक्ष आकलन किया जाए और शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए.
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसानों तक सहायता पहुंचाने में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए. उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परिवारों के घर बारिश से क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नए आवास उपलब्ध कराए जाएं. साथ ही कृषक दुर्घटना बीमा योजना के पात्र लाभार्थियों को भी शीघ्र लाभान्वित किया जाए. योगी ने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि किसानों के खेतों में हुई फसल क्षति, पशु हानि और मानवीय क्षति का पूरा ब्योरा तैयार रखा जाए.
हर हाल में 24 घंटे के अंदर राहत पहुंचानी है. उन्होंने कहा कि किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. उनकी मुश्किलों को तुरंत दूर करना सरकार की प्राथमिकता है. इस संबंध में सीएम ने उच्चस्तरीय बैठक भी की और सभी संबंधित विभागों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए. प्रदेश सरकार का स्पष्ट संदेश है कि इस आपदा में कोई किसान अकेला नहीं है. हर जरूरतमंद तक सरकार की मदद पहुंचेगी.