वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वाराणसी दौरा 28 अप्रैल को प्रस्तावित है. अपने इस दौरे के दौरान पीएम मोदी काशी को कई खास सौगात भी देंगे. इस साल प्रधानमंत्री का अपने संसदीय क्षेत्र में यह पहला दौरा होगा. साथ ही, पहला मौका होगा जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन का बिल पास न होने के बाद सार्वजनिक मंच से पीएम संबोधित करेंगे. उनकी सभा में लगभग 50,000 महिलाएं उपस्थित रहेंगी. प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र में विकास की कई परियोजनाएं एवं योजनाएं लेकर आ रहे हैं. यहां वे बाबा श्री काशी विश्वनाथ जी के दर्शन-पूजन भी करेंगे.
भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने बताया कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हर तीन-चार महीने पर दौरा अपने परिवार के बीच, अपने संसदीय क्षेत्र में होता है. वो उसी रूटीन में इस बार 28 तारीख को आ रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी आने के बाद, यहां लगभग 7000 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. इसके साथ ही, बरेका में एक महिला सम्मेलन होने जा रहा है, जिसे 28 तारीख को 4:30 बजे संबोधन प्रधानमंत्री मोदी भी करेंगे.
कार्यक्रम में 50,000 महिलाओं के आने का प्लान: उन्होंने बताया कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 29 तारीख की सुबह बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने जाएंगे. वहां दर्शन करने के बाद फिर बरेका लौटकर, वहीं से हेलिकॉप्टर से फिर सीधे एयरपोर्ट और फिर दिल्ली जाएंगे. उनका अभी तक यही कार्यक्रम बना है. अगर तैयारियों की बात करें तो हम सब लोगों ने वहां 50,000 महिलाओं के आने का प्लान बना रहे हैं. नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन बिल, जो विपक्ष द्वारा गिराया गया, एक क्रूर अन्याय का काम किया गया है. यह होना नहीं चाहिए था. महिलाओं के पक्ष में सब भाषण नेता देते हैं, सभी पार्टी के लोग नेता देते हैं कि हम महिलाओं को अधिकार देंगे. महिलाओं को अधिकार दिलाने जब प्रधानमंत्री आगे आए तो उन लोगों ने बिल संशोधन बिल पास नहीं होने दिया.
बरेका द्वार से काशी विश्वनाथ मंदिर तक होगा भव्य स्वागत: हंसराज विश्वकर्मा ने बताया कि, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में कोई रोड शो नहीं है. वे आएंगे तो हम लोग बरेका द्वार से और विश्वनाथ मंदिर तक पूरा स्वागत आते-जाते दोनों तरफ करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी का आना इसलिए महत्वपूर्ण है कि, महिलाओं का अधिकार छीनने का काम विपक्ष ने किया है, चाहे कांग्रेस हो, चाहे सपा हो, चाहे डीएमके हो, चाहे तृणमूल कांग्रेस हो, इन सब लोगों ने मिलकर यह काम किया है, जबकि ममता बनर्जी खुद एक महिला हैं. महिलाओं का अधिकार 33% आरक्षण जब बाबा साहब भीमराव आंबेडकर ने संविधान में दिया है, तो उसको देना चाहिए. प्रधानमंत्री जिस काम को लेते हैं, उसको सफल बनाते हैं, फिर आगे प्रयास करके उसको सफल बनाएंगे.
प्रधानमंत्री का न इरादा गिरा है, न तो उनकी निष्ठा बदली: राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने बताया कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र ने ठान लिया है कि नारी शक्ति को उनके अधिकार का दर्जा दे कर ही रहेंगे. विधेयक भले ही गिर गया हो, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री का न इरादा गिरा है, न तो उनकी निष्ठा बदली है. उनका यह निर्णय है कि नारी शक्ति को उनकी बराबरी का दर्जा दे कर के ही दम लेंगे. जिस तरह से पूरे देश में महिलाएं खुद निकल रही हैं बाहर, खुद उनके मन में एक गुस्सा है, उनके मन में एक आवेश है, महिलाएं वहीं जाती हैं जहां उनको संरक्षण मिलता है, जहां उनको बल मिलता है. महिलाओं का खुद का यह फैसला है कि प्रधानमंत्री आएंगे और हम लोग उनका स्वागत करेंगे कि, आपने हमारे लिए इतना बड़ा प्रयास किया जो आज तक कभी किसी ने नहीं किया था.
नारी शक्ति को मिला है एक मजबूत भाई: उन्होंने कहा कि, नारी शक्ति का कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि नारी शक्ति का जिम्मा, नारी शक्ति को अधिकार देने का जिम्मा, नारी शक्ति को समानता का अधिकार देने का जिम्मा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ले लिया है. प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में नारी शक्ति आएगी, प्रधानमंत्री संबोधन करेंगे और नारी शक्ति खुद से सोच करके आ रही है.