यूपी के 28 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी सौगात, अब आयुष इलाज भी होगा कैशलेस

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना का दायरा बढ़ा दिया है. अब राज्य कर्मचारी और पेंशनभोगी आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी जैसी आयुष पद्धतियों से भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है.

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभागों के कार्यों की समीक्षा बैठक में यह अहम फैसला लिया. उन्होंने साफ निर्देश दिया कि कैशलेस योजना में आयुष पद्धतियों की सेवाओं को तुरंत शामिल किया जाए. अभी तक इस योजना में सिर्फ एलोपैथिक इलाज ही कवर होता था.

28 लाख लोगों को सीधा फायदा

राज्य सरकार की प्रवक्ता ने बताया कि इस फैसले से प्रदेश के करीब 28 लाख सेवारत और सेवानिवृत्त राज्य कर्मचारियों व उनके आश्रितों को लाभ मिलेगा. अब ये लोग सूचीबद्ध आयुष अस्पतालों में भर्ती होकर बिना पैसे दिए आयुर्वेद, यूनानी या होम्योपैथिक इलाज करा सकेंगे. बिल का भुगतान सीधे सरकार करेगी.

सीएम योगी ने एक बैठक में आयुष्मान योजना की भी समीक्षा की.उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत आने वाले इलाज के दावों का निस्तारण तय समय सीमा में किया जाए ताकि मरीजों और अस्पतालों को परेशानी न हो.

अस्पतालों की गुणवत्ता सुधारने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होनी चाहिए. मरीज को समय पर दवा और जांच सुविधा मिले, यह सुनिश्चित किया जाए.

उन्होंने मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए, जिससे प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और इलाज का स्तर सुधरे.

क्या है कैशलेस योजना

पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना 2022 में शुरू हुई थी. इसमें राज्य कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है. कार्डधारक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती होकर कैशलेस इलाज करा सकते हैं. अब इसमें आयुष अस्पताल भी जुड़ेंगे.

स्वास्थ्य विभाग जल्द ही आयुष अस्पतालों की सूची जारी करेगा और एसओपी तैयार करेगा. 1 महीने में यह सुविधा शुरू हो जाएगी.