बिलासपुर: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर का पहला दीक्षांत समारोह आज (मंगलवार, 6 अक्टूबर को) होने जा रहा है. दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एम्स के 92 डॉक्टरों और प्रशिक्षुओं को डिग्रियां बांटेंगी. राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर एम्स परिसर में समारोह स्थल से लेकर प्रवेश, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया है. राष्ट्रपति के कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे. हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित प्रदेश के अन्य वरिष्ठ नेता और गणमान्य व्यक्ति भी समारोह में शिरकत करने वाले हैं. राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन और एम्स प्रबंधन के अधिकारी लगातार तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं.
प्रशिक्षुओं के लिए यादगार अवसर
एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह को संस्थान की शैक्षणिक यात्रा का अहम पड़ाव माना जा रहा है. समारोह में डॉक्टरों एवं प्रशिक्षुओं को डिग्रियां मिलेंगी. राष्ट्रपति के हाथों डिग्री प्राप्त करना इन प्रशिक्षुओं के लिए विशेष उपलब्धि होगी. समारोह में एम्स की शैक्षणिक गतिविधियों और उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा.
- दीक्षांत समारोह में इन्हें मिलेगी डिग्री
- MBBS 2020 बैच के 43 छात्र
- MD/MS 2023 बैच के 14 डॉक्टर
- नर्सिंग 2022 बैच के 26 ट्रेनी
- पैरामेडिकल के 9 विद्यार्थी
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राष्ट्रपति सुबह 10.35 बजे एम्स बिलासपुर हेलीपैड पर उतरेंगी. इसके बाद सीधे दीक्षांत समारोह के लिए जाएंगी. उनकी सुरक्षा को लेकर बिलासपुर में व्यापक इंतजाम किए गए हैं. करीब 250 पुलिस अधिकारी और जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए गए हैं. एम्स परिसर के अलावा राष्ट्रपति के आवागमन वाले मार्गों पर भी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है. सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम स्थल के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है.
यातायात और पार्किंग पर विशेष नजर राष्ट्रपति के दौरे के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी विशेष योजना तैयार की गई है. वाहनों की आवाजाही और पार्किंग को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. एम्स परिसर में प्रवेश को भी सुरक्षा मानकों के अनुसार नियंत्रित किया जाएगा. अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर बिजली, पानी, साफ-सफाई, यातायात और पार्किंग सहित सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की है.
राष्ट्रपति को स्मृति चिन्ह के रूप में दिया जाएगा रणसिंघा
राष्ट्रपति को कार्यक्रम के दौरान एम्स बिलासपुर प्रशासन की ओर से रणसिंघा स्मृति चिन्ह के रूप में दिया जाएगा. वीर सिंह द्वारा तैयार किए गए इस स्मृति चिन्ह में दो पारंपरिक रणसिंघे लगाए गए हैं और इनके बीच में एम्स का लोगो तैयार किया गया है. इसे पीतल और तांबे की धातु से हाथ से तैयार किया गया है. इसके अलावा बाबा बालक नाथ और श्री नैना देवी जी मंदिर की प्रतिमा से भी सम्मानित किया जाएगा.
सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक बड़े वाहनों पर पाबंदी
नौणी से ब्रह्मपुखर मार्ग पर सुबह 6 बजे से दोपहर बाद 2 बजे तक सभी प्रकार के भारी और बड़े वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. इस समयावधि में केवल अति-आवश्यक आपातकालीन वाहनों और स्वीकृत सरकारी गाड़ियों को ही जाने की अनुमति होगी.
- मंडी और हमीरपुर की तरफ से शिमला एवं सोलन की ओर जाने वाले वाहनों को घागस से ब्रह्मपुखर मार्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा.
- ड्रोन उड़ाने, पैराग्लाइडिंग एवं पैरासेलिंग गतिविधियों पर 4 अक्टूबर से ही प्रतिबंध, मंगलवार 2 बजे तक लागू रहेगा.
राष्ट्रपति का प्रस्तावित हिमाचल दौरा
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज मंगलवार, 6 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हिमाचल प्रदेश पहुंच रही हैं. राष्ट्रपति के इस दौरे को लेकर जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं. निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, 6 अक्टूबर की शाम को राष्ट्रपति जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली पहुंचेंगी. जबकि, 7 अक्टूबर को वह मनाली के प्रसिद्ध मंदिर में माता हिडिंबा के दर्शन करेंगी. इसके अलावा राष्ट्रपति अटल टनल रोहतांग का भी दौरा करेंगी. अटल टनल दौरे के दौरान राष्ट्रपति का काफिला पलचान की ओर से गुजरने के करीब पांच मिनट बाद सामान्य यातायात बहाल किया जाएगा. वापसी के दौरान भी काफिले के गुजरने तक संबंधित मार्गों पर यातायात नियंत्रित रहेगा. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 8 अक्टूबर को सुबह 10 बजे सर्किट हाउस मनाली से सासे हेलीपैड के लिए रवाना होंगी.

