मेरठ: तपती गर्मी के बीच मेरठ और दिल्ली के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है. एनसीआरटीसी की तरफ से नमो भारत के यात्रियों को राहत देने की कोशिश की गई है. चलिए जानते है चलिए जानते हैं कि आखिर यात्रियों को किस तरह की राहत मिल सकती है.
तपिश बनी मुसीबत: इन दिनों मौसम की मार से लोगों के हाल बेहाल हैं. तपती गर्मी में लोगों को मेरठ और दिल्ली के बीच यात्रा करनी पड़ रही है. खासकर नौकरीपेशा और छात्रों के लिए यह मजबूरी जैसा है. ऐसे में एनसीआरटीसी ने दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर पीक आवर्स में नमो भारत ट्रेन ट्रिप्स बढ़ा दिए हैं. अब हर दिन 10 अतिरिक्त फेरे नमो भारत लगाएगी.
एनसीआरटीसी के मुताबिक दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. मेरठ साउथ से दिल्ली के सराय काले खां तक पीक आवर्स में हर दिन 10 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स जोड़ी जाएंगी.
बता दें कि अभी एक सप्ताह भी नहीं हुआ है, जब एनसीआरटीसी द्वारा 8 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स बढ़ाई गई थीं. एनसीईआरटीसी के दिल्ली मेरठ कॉरिडोर के के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर(CPRO) पुनीत वशिष्ठ ने बताया कि यह विस्तार दैनिक यात्रियों को अधिक सुविधा देने के उद्देश्य से किया गया है, जिससे कि यात्रियों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए स्टेशन पर ज्यादा समय तक इंतजार न करना पड़े और यात्रियों की यात्रा भी सुगम हो सके.
बता दें कि एक सप्ताह में 18 ट्रेन ट्रिप्स की बढ़ोत्तरी की जा चुकी है. साथ ही समय-सारिणी के अनुसार 10 अतिरिक्त ट्रिप्स सुबह के पीक आवर्स में बढ़ाई गई हैं. इसके लिए सुबह 7 बजे बजे से 11 बजकर 30 मिनट तक का समय निर्धारित किया है. वहीं 8 अन्य ट्रिप्स शाम के पीक आवर्स में बढाए गए हैं. शाम को 5 बजे से 8 बजकर 30 मिनट तक ये नमो भारत ट्रेन के फेरे बढाए गए हैं.
एनसीआरटीसी के जिम्मेदार मानते हैं कि दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर यात्री संख्या में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है. लगभग एक लाख यात्री प्रतिदिन इस सेवा का लाभ उठा रहे हैं. ऐसे में यात्रियों द्वारा नमो भारत को दी जा रही प्राथमिकता भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है.
जल्द बसें भी बढ़ेंगी: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के मेरठ क्षेत्र के प्रबंधक संदीप नायक बताते हैं कि नमो भारत के चलने के बाद परिवहन विभाग को हर दिन 10 लाख से ज्यादा की आर्थिक रूप से हानि हो रही है. राजस्व भी घट गया है. ऐसे में जल्द ही मेरठ से दिल्ली के बीच में रोडवेज बसों की संख्या को बढ़ाया जाएगा. जल्द ही निर्णय लिया जाएगा.