स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर प्रयागराज DM सख्त, आशा बहुओं समेत 3 CHO की सेवा समाप्त होगी

प्रयागराज: स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है. प्रयागराज के संगम सभागार में सोमवार को जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक संपन्न हुई. बैठक में जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए, सरकारी अस्पतालों की बजाय निजी अस्पतालों में डिलीवरी कराने वाले आशाओं को चिंहित कर हटाने का आदेश दिया. साथ ही लंबे समय से गायब चल रहे तीन कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) की संविदा सेवा तत्काल समाप्त करने के भी निर्देश दिए.

लापरवाह अधिकारियों की लगी क्लास: जिलाधिकारी ने बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की ब्लॉकवार समीक्षा की और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की क्लास लगाई. जिला महिला चिकित्सालय में पिछले वर्ष की तुलना में कम प्रसव होने पर डीएम ने चिकित्सा अधीक्षिका को कारणों की समीक्षा करने के निर्देश दिए. साथ ही स्टाफ को गर्भवती महिलाओं व उनके परिजनों से शिष्ट व्यवहार करने को कहा.

अकाउंटेंट को चेतावनी पत्र: जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों के भुगतान में लापरवाही बरतने पर जिला महिला अस्पताल के संविदा अकाउंटेंट को संविदा समाप्त करने की चेतावनी दी. इसके विपरीत, बेहतर कार्य करने वाली आशाओं और एएनएम को अगली बैठक में सम्मानित करने की घोषणा की गई.

मातृ-मृत्यु की शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग: डीएम ने समस्त चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिया कि मातृ-मृत्यु की शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग की जाए और समय से इसकी समीक्षा कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं. ‘ई-कवच’ पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण में खराब प्रदर्शन करने वाले ब्लॉक चाका, सोराव, बहरिया, भगवतपुर और फूलपुर के चिकित्सा अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया.

वहीं आभा (ABHA) आईडी बनाने में फिसड्डी रहे रामनगर, बहरिया, सैदाबाद, चाका, भगवतपुर, कौड़ीहार, हंडिया और कोराव के चिकित्सा अधीक्षकों को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए. बैठक के अंतिम चरण में जिलाधिकारी ने आयुष्मान गोल्डन कार्ड की ब्लॉकवार समीक्षा की. शहरी क्षेत्र समेत कौंधियारा, उरुवा, प्रतापपुर, सैदाबाद, बहादुरपुर, बहरिया, करछना और मेजा ब्लॉक की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि प्रत्येक दिन हर आईडी से कम से कम एक गोल्डन कार्ड अनिवार्य रूप से बनाया जाना चाहिए.