अंग्रेजों के दौर का कानपुर का LLR बदलेगा नई सूरत में, बनेंगे 2 हजार नए बेड

कानपुर : शहर की 50 लाख से अधिक की आबादी भले ही 1942 से शहर में बने सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एलएलआर में अभी तक जर्जर भवनों के बीच इलाज कराती रही हो, पर अब बहुत जल्द यहां मरीजों को तीन नए आधुनिक भवन दूर से दिखाई देंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ व वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अंग्रेजों के दौर के बने एलएलआर अस्पताल की सूरत बदलने को लेकर अपनी स्वीकृति के दे दी है.

मेडिकल काॅलेज प्राचार्य डाॅ. संजय काला ने बताया, 1300 करोड़ रुपये के बजट से कानपुर एलएलआर अस्पताल के स्थान पर अब तीन नए भवन दिखेंगे. जिनमें एक सर्जिकल ब्लॉक, एक मेडिसिन ब्लॉक व एक एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक शामिल है. एम्स की तर्ज पर इसकी डिजाइन होगी. अभी तक जो अस्पताल संचालित है, वह 27500 वर्गमीटर जमीन पर एक से 18 वार्डों के रूप में बना है. हालांकि, आए दिन मरीज व तीमारदार जर्जर भवनों की शिकायतें करते थे.

मेडिकल काॅलेज प्राचार्य डाॅ. संजय काला ने बताया कि सीएम व वित्त मंत्री के स्वीकृति देने के साथ ही भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी व एमएलसी अरुण पाठक ने अहम भूमिका निभाई. उन्होंने यहां की समस्याओं को देखा था. एक दिन में हजारों की संख्या में मरीज इलाज कराते हैं. तीन हजार बेड्स होने के बावजूद मरीजों को बेड नहीं मिल पाता था. हालांकि, अब नया भवन बनने से बेड्स की दिक्कतें खत्म हो जाएंगी.

मेडिकल काॅलेज प्राचार्य डाॅ. संजय के अनुसार इस अस्पताल के बनने से कानपुर समेत आसपास के 10 जिलों के करोड़ों मरीजों को लाभ होगा. अस्पताल के साथ ही जो जगह बचेगी उसमें हम ओंकोलॉजी समेत अन्य विभागों का संचालन भी शुरू कराएंगे.