अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से व्यवस्थाओं में बदलाव के बीच गोलीकांड में मारे गए कारसेवक वासुदेव गुप्ता के बेटे संदीप गुप्ता को एक बार फिर मंदिर परिसर में सेवा का अवसर दिया गया है.
संदीप गुप्ता के अलावा केडी तिवारी और बजरंग लाल को भी पुनः मंदिर की व्यवस्था में वापस बुलाए जाने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, ट्रस्ट की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
जानकारी के मुताबिक, वासुदेव गुप्ता की नया घाट बाजार, रामपथ पर मिठाई की दुकान थी. 30 अक्टूबर 1990 को राम जन्मभूमि के निकट कारसेवा के दौरान गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी. इसके बाद उनकी पत्नी शकुंतला गुप्ता ने बेटे संदीप का पालन-पोषण किया. कुछ वर्ष पहले मां का भी निधन हो गया.
वर्तमान में संदीप अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहते हैं. परिवार के भरण-पोषण के लिए संदीप ने काफी प्रयास किए और राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद वर्ष 2024 में उन्हें मंदिर की व्यवस्था में नौकरी मिली थी. वह यात्री सेवा केंद्र में लॉकर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
बताते चले कि रामलला के दर्शन के लिए आई एक विदेशी महिला यात्री ने ट्रस्ट को ईमेल के माध्यम से संदीप के व्यवहार को लेकर शिकायत की थी. ट्रस्ट ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था.
अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन की ओर से जारी नोटिस का संदीप ने जवाब भी दिया था. संदीप गुप्ता ने बताया कि उन पर महिला के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया गया था, वह गलत था.
अब उनका कहना है कि ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देवगिरी की ओर से उन्हें पुनः सेवा में लौटने के निर्देश दिए गए हैं. ट्रस्ट की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है.