तीन सूत्रीय मांगों को लेकर बीडीसी सदस्यों का भूख हड़ताल 6 अक्टूबर को

ग्राम प्रधानों की तरह बीडीसी सदस्यों को मिले अधिकार: कृष्णचन्द्र सिंह

बस्ती: प्रधान क्षेत्र पंचायत स्वाभिमान संघ द्वारा तीन सूत्रीय प्रमुख मांगों को लेकर आगामी 6 अक्टूबर को लखनऊ के इको गार्डन में दो दिवसीय भूख हड़ताल के साथ धरना दिया जायेगा। यह जानकारी देते हुए संघ के राष्ट्रीय संरक्षक कृष्णचन्द्र सिंह ने बताया कि धरने में प्रदेश के सभी जनपदों से हजारों की संख्या में क्षेत्र पंचायत सदस्य हिस्सा लेंगे। वे आन्दोलन के सम्बन्ध में शनिवार को प्रेस क्लब सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कृष्णचन्द्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र पंचायत सदस्यों को एक हजार रुपये भत्ता दिये जाने, तीन लाख का बीमा, मनरेगा से जोड़ने की योजना प्रदेश में पूरी तरह से धराशाई हो गयी है। बीडीसी की भूमिका केवल एक दिन के मतदान तक सिमट गई है। उनकी लगातार घोर उपेक्षा जारी है। बीडीसी सदस्यों को उनका अधिकार दिलाने के लिये भूख हड़ताल के साथ ही धरना आयोजित किया गया है। प्रधान क्षेत्र पंचायत स्वाभिमान संघ के संस्थापक विजय दादा, राष्ट्रीय अध्यक्ष नवनीत शुक्ल, प्रदेश अध्यक्ष राजन सैनी ने बताया कि तीन सूत्रीय प्रमुख मांगों को लेकर होने वाले आन्दोलन के लिए निरन्तर जागरूकता कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं।

इस धरने में 50 हजार से अधिक बीडीसी सदस्यों के पहुंचने का लक्ष्य है। बताया कि जिस प्रकार प्रधान संघ के पदाधिकारियों को ब्लाक मीटिंग में आमंत्रित किया जाता है उसी प्रकार बीडीसी पदाधिकारियों को आमंत्रित किया जाय, क्षेत्र पंचायत सदस्यों को प्रति माह 7 हजार रुपये का मानदेय सुनिश्चित करने के साथ ही प्रति वर्ष 20 लाख की बीडीसी निधि सुनिश्चित कराया जाय। 73वें एवं 74वें एवं संविधान संशोधन के फलस्वरूप त्रिस्तरीय पंचायती राज्य व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग बीडीसी को भी संवैधानिक स्थान उसी प्रकार प्राप्त हुआ, जिस प्रकार से प्रधानों को प्राप्त हुआ है, असमानता दूर कराया जाय। इसे लेकर चरणबद्ध आन्दोलन जारी रहेगा।