अलीगढ़ : ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद 16 जून से अलीगढ़ जिले के परिषदीय विद्यालय खुल रहे हैं, लेकिन इस बार स्कूल खुलने के साथ ही पढ़ाई को लेकर नई चुनौती सामने आ गई है। जनगणना-2027 की तैयारियों के तहत जिले के बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगे हुए हैं। ऐसे में अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि स्कूलों में नियमित पढ़ाई कैसे प्रभावित होने से बचाई जाएगी। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन हजारों शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से बड़ी संख्या में शिक्षकों को जनगणना प्रशिक्षण और सर्वेक्षण कार्य में लगाया जाना है। जनगणना देश का महत्वपूर्ण कार्य है, लेकिन स्कूल खुलते ही शिक्षकों की व्यस्तता बढ़ने से शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। पहले दिन छात्रों का स्वागत, नामांकन बढ़ाने, साफ-सफाई और शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जनगणना कार्य और शिक्षण कार्य के बीच संतुलन बनाने की तैयारी की गई है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि पिछले वर्षों में भी चुनाव, सर्वे और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगने से पढ़ाई प्रभावित हुई है। उनका मानना है कि जनगणना जैसे बड़े अभियान के दौरान सरकार को विद्यालयों की पढ़ाई सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करनी चाहिए। वहीं अभिभावकों की चिंता है कि नए शैक्षणिक सत्र के शुरुआती दिनों में शिक्षकों की अनुपस्थिति बच्चों की सीखने की प्रक्रिया पर असर डाल सकती है।