लखनऊ:ओबीसी आरक्षण को लेकर पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने कहा, अगली कैबिनेट बैठक में पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी मिल जाएगी। आरक्षण- 2011 की जनगणना के आधार पर ही तय होगा और कोई नई गणना नहीं कराई जाएगी। पूर्व में लागू आरक्षण चक्र को ही जारी रखा जाएगा। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, आयोग की रिपोर्ट मिलते ही सीटों का आरक्षण तय कर चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा।
हाईकोर्ट ने कहा-पांच वर्ष से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, पंचायतों का कार्यकाल उनकी पहली बैठक से पांच वर्ष से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता। वर्तमान में प्रदेश की ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा है कि समय सीमा के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की स्थिति है या नहीं। अगली सुनवाई तक चुनाव संपन्न कराने का पूरा समयबद्ध कार्यक्रम प्रस्तुत करे।
यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन और न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की खंडपीठ ने अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन की याचिका पर दिया है। प्रयागराज निवासी याची ने निर्धारित समय पर चुनाव कराए जाने की मांग की है। उन्होंने इनपर्सन कोर्ट में दलील दी कि उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों की पहली बैठक 27 मई 2021 को हुई थी, जिसके अनुसार पांच साल का सांविधानिक कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो जाएगा।
कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद प्रेम लाल पटेल केस का हवाला देते हुए कहा कि पूर्व में राज्य सरकार ने चुनाव की तारीखें तय करने की शक्ति अपने हाथ में लेने की कोशिश की थी, जिसे असांविधानिक घोषित करते हुए रद्द कर दिया गया था। संविधान का अनुच्छेद 243क स्पष्ट करता है कि चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण केवल निर्वाचन आयोग में निहित है। सरकार इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
राज्य सरकार के अधिवक्ता ने इस मामले में कानून की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने के लिए समय की मांग की है। कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से अगली तारीख 25 मार्च तक समय सीमा के भीतर चुनाव कराने की स्थिति स्पष्ट करते हुए हलफनामा दाखिल करने को कहा है। अनिश्चितता पर सरकार ने विराम लगा दिया
यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर चल रही अनिश्चितता पर सरकार ने विराम लगा दिया है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव जुलाई 2026 तक हर हाल में करा लिए जाएंगे। हाईकोर्ट के आदेश का पालन होगा और प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अड़चन नहीं आने दी जाएगी।
राजभर ने बताया कि ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्षों के कार्यकाल भले अलग-अलग समय पर समाप्त हो रहे हों, लेकिन किसी का भी कार्यकाल जुलाई से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इसी समयसीमा को ध्यान में रखते हुए चुनाव कार्यक्रम तय किया जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासनिक मशीनरी को तैयारी संबंधी निर्देश दिए गए हैं।