योगी-जयंत की साझा मंच से बढ़ी नजदीकियां, भाजपा-रालोद के रिश्तों में दिखी गर्माहट

बागपत:  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह जितना ज्यादा मंच साझा करेंगे, विधानसभा चुनाव में भाजपा-रालोद को उतना ही ज्यादा फायदा मिलेगा। इनके मंच साझा होने से भाजपा-रालोद नेताओं के बीच भी नजदीकियां बढ़ेंगी और इनके मन मिलेंगे। मुजफ्फरनगर की रैली में भी ऐसा ही देखने को मिला, जहां भाजपा-रालोद के नेता पहली बार एक साथ पहुंचे।

बागपत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रालोद अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह दो बार मंच साझा कर चुके हैं। पहली बार बागपत में लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों ने तब मंच साझा किया था, जब भाजपा-रालोद के बीच नया गठबंधन हुआ था। केंद्रीय स्तर पर गठबंधन भले हो गया था, मगर स्थानीय नेताओं के मन नहीं मिले थे।
यही कारण था कि दोनों की साझा रैली में मंच से भाजपा-रालोद नेताओं ने एक-दूसरे की खिलाफत की। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के नेताओं के बोलने पर हूटिंग भी खूब की। लोकसभा चुनाव में रालोद को जीत जरूर मिली, मगर वोटों का बिखराव हुआ तो उससे भी साफ हो गया कि दोनों पार्टियों के नेताओं के मन में कड़वाहट है।

नेताओं में भी बढ़ रही नजदीकियां

योगी आदित्यनाथ व जयंत ने दूसरी बार 12 फरवरी 2025 को रालोद संस्थापक स्व. चौधरी अजित सिंह की प्रतिमा के अनावरण के दौरान छपरौली में मंच साझा किया था। इस बार नजारा थोड़ा बदला हुआ था। वेस्ट यूपी के अधिकतर जिलों से नेता आए हुए थे और पहली रैली की तरह एक-दूसरे की खिलाफत नहीं की गई। दोनों पार्टियों के नेताओं में रैली के दौरान कुछ नजदीकियां भी दिखाई दीं।

अब मुजफ्फरनगर में सोमवार को योगी आदित्यनाथ व जयंत ने मंच साझा किया तो पहली बार भाजपा-रालोद के नेताओं के मन ऐसे मिलते दिखे कि वह एक साथ रैली में गए। बागपत से बड़ौत व चौगामा क्षेत्र के दोनों पार्टियों के नेता साथ में मुजफ्फरनगर पहुंचे। इस तरह दोनों नेता जितना ज्यादा मंच साझा कर रहे हैं, उतने ही दोनों पार्टियों के नेताओं के मन भी मिल रहे हैं।

संयुक्त रैली थी, सभी एक साथ गए
रालोद के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर, जयदेव सिंह आर्य, सत्यव्रत आर्य आदि का कहना है कि यह संयुक्त रैली थी। सीएम योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह हर बार एकता की बात कहकर जाते हैं और दोनों पार्टियों के नेताओं में यह एकता जमीनी स्तर पर दिखाई दे रही है।