कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे तैयार, 28 अप्रैल को हो सकता है उद्घाटन; अब सिर्फ 45 मिनट में सफर, जानें टोल

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे तैयार, 28 अप्रैल को हो सकता है उद्घाटन; अब सिर्फ 45 मिनट में सफर, जानें टोल

कानपुर:कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (एनई-6) का काम पूरा हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 28 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसका लोकार्पण कराने की तैयारी की है। इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से अनुमति मिलने का इंतजार है। इससे पहले एनएचएआई ने 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री से लोकार्पण कराने की तैयारी की थी। हालांकि प्रधानमंत्री का दूसरे प्रदेश का दौरा होने से समय नहीं मिल सका था। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के जोन-2 के तहत उन्नाव क्षेत्र में 45.300 किलोमीटर और जोन-1 में लखनऊ में 18.700 किलोमीटर का काम पूरा हो गया है। पिछले महीने लखनऊ दौरे पर आए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इसे जल्द ही यातायात के लिए खोलने की बात कही थी। पीएमओ से इस संबंध में बात भी की थी।एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया गया
सूत्रों के मुताबिक एनएचएआई ने अगले मंगलवार (21 अप्रैल) को प्रधानमंत्री के हाथों लोकार्पण कराने की तैयारी की थी। हालांकि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम न मिलने से इसे एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। पहले इसे जनवरी में लखनऊ के बनी कस्बे तक यातायात के लिए खोलने की तैयारी थी, लेकिन बाद में एनएचएआई ने लखनऊ क्षेत्र का भी काम पूरा होने के बाद ही यातायात शुरू करने का फैसला लिया था।

45 मिनट में कानपुर से लखनऊ, 275 रुपये टोल टैक्स
इस एक्सप्रेसवे पर वाहन चालक 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार में सुरक्षित चलकर 45 मिनट में कानपुर-लखनऊ का सफर पूरा कर सकेंगे। इसके लिए वाहन मालिकों को टोल टैक्स भी ज्यादा देना होगा। एनएचएआई सूत्रों के अनुसार लखनऊ-कानपुर हाईवे की अपेक्षा इस एक्सप्रेसवे पर करीब 25 प्रतिशत अधिक टोल टैक्स लगेगा। सूत्रों के अनुसार एक तरफ के लिए टोल टैक्स 275 रुपये और आना-जाना 415 रुपये में होगा। यातायात शुरू करने से पहले एनएचएआई टोल की दरें घोषित करेगा।

नहीं चलेंगे दो और तीन पहिया वाहन
इस एक्सप्रेसवे पर दो और तीन पहिया व अन्य हल्के वाहन नहीं चल सकेंगे। इंजीनियर अभिषेक के अनुसार इस एक्सप्रेसवे को 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार के अनुसार बनाया गया है। वाहनों की तेज रफ्तार में बाइक व अन्य हल्के वाहन हादसों की वजह बन सकते हैं। इस वजह से इस पर दो और तीन पहिया वाहन नहीं चल सकेंगे।

दो स्थानों पर बनाए गए हैं इंटरचेंज
कानपुर-लखनऊ और उन्नाव-लालगंज हाईवे से भी जुड़े इस एलिवेटेड एक्सप्रेसवे को कानपुर-लखनऊ और उन्नाव-लालगंज (रायबरेली) हाईवे से जोड़ा गया है। इन दोनों ही स्थानों से लोग इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ और उतर सकेंगे। उन्नाव में दो जगह इंटरचेंज बनाए गए हैं। कानपुर से लखनऊ जाने-आने के लिए जाजमऊ गंगा पुल या गंगा बैराज से आकर आजाद मार्ग चौराहा से एक्सप्रेसवे पहुंच सकेंगे। उन्नाव-लालगंज (रायबरेली) हाईवे से वाहन अचलगंज के कोरारी गांव के इंटरचेंज से इस एक्सप्रेसवे का प्रयोग कर सकेंगे।

ट्रॉमा सेंटर और ई-चार्जिंग की सुविधा
एक्सप्रेसवे पर 10 बेड का ट्रॉमा सेंटर भी बनाया गया है। इसके अलावा फूड प्लाजा, पेट्रोल पंप, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग सेंटर, प्रसाधन, एंबुलेंस आदि सुविधाएं मिलेंगी।

कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हो गया है। जो भी छुटपुट काम बचे थे उन्हें 31 मार्च से पहले ही पूरा कर लिया गया था। एक्सप्रेसवे पूरा होने के रिपोर्ट दिल्ली मुख्यालय भेज दी गई है। अनुमति मिलते ही लोकार्पण कराया जाएगा और उसी दिन से इस पर यातायात शुरू कर दिया जाएगा। -नकुल कुमार वर्मा, पीडी, एनएचएआई