गोरखपुर: अचानक बदले मौसम के कारण जहां प्रदेश के तमाम जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हुई है, वहीं बुधवार सुबह से गोरखपुर में भी बूंदाबांदी के साथ मौसम ठंडा हो गया है. बारिश की वजह से किसान अपनी फसल को लेकर चिंतित हैं. तेज बारिश नहीं होने से वह फसल बचने की तो उम्मीद जता रहे हैं लेकिन गेहूं के दाने में खराबी आने की आशंका है. वहीं अगले दो दिनों तक जिले को मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन ने यलो जोन में रखा है. इस दौरान बारिश और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है. हालांकि, इस बारिश और खुशनुमा मौसम से लोगों को राहत मिली है.
इस बदले मौसम को लेकर जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के साथ आपदा विभाग ने दो दिनों तक एलो जोन में गोरखपुर को रखा है. आशंका व्यक्त की जा रही है कि बारिश के साथ तेज हवा और ओले भी गिर सकते हैं. जिला आपदा प्रबंधक गौतम गुप्ता के मुताबिक, इस अलर्ट को ध्यान में रखते हुए सभी तहसील में चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है. किसान और आम नागरिक इसकी वजह से किसी भी आपदा के कारण नुकसान उठाता है, तो उसकी जांच कर, समीक्षा के बाद उन्हें आर्थिक साहयता दिलाई जाएगी.
प्रदेश में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए व्यापक नुकसान को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी जिलाधिकारियों को किसानों को शीघ्र और वाजिब मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. इसी क्रम में मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है. जिसमें गोरखपुर से जिलाधिकारी दीपक मीणा, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शाश्वत त्रिपुरारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजेश झा, मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) हिमांशु वर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे. वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि फसल नुकसान का सर्वेक्षण पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ कराया जाए. कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए. यह भी कहा कि राजस्व एवं कृषि विभाग की टीमें संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें और वास्तविक नुकसान का आंकलन सुनिश्चित करें.
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वेक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि हर प्रभावित किसान तक राहत पहुंचे और उसे उसकी फसल के अनुरूप उचित मुआवजा मिले. इसके लिए ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से भी सभी सूचनाओं को अपडेट रखने के निर्देश दिए गए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे. बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, जिससे बेमौसम बारिश के बाद फैलने वाली बीमारियों पर नियंत्रण रखा जा सके. सीएमओ डॉ. राजेश झा को निर्देशित किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जाए.