लखनऊ : उत्तर प्रदेश में IAS अधिकारियों के बड़े तबादले की तैयारी चल रही है. कई जिलों के जिला मजिस्ट्रेट यानी DM बदले जा सकते हैं. इस बार 2016 बैच के युवा IAS अधिकारियों को भी जिला स्तर की जिम्मेदारी मिलने की संभावना है. सूची लगभग तैयार हो चुकी है और इसी महीने बड़े बदलाव हो सकते हैं.
नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के एक अधिकार ने बताया कि जिन जिलों में DM बदलने की चर्चा है उनमें बाराबंकी, अम्बेडकरनगर, चंदौली, चित्रकूट, हापुड़, श्रावस्ती, महोबा, भदोही, सुल्तानपुर, हाथरस और ललितपुर शामिल हैं. इनमें से कुछ जिलों की कमान महिला IAS अधिकारी को दी जा सकती है.
कलेक्टर पद के मुख्य दावेदार : जिला मजिस्ट्रेट बनने की दौड़ में कुछ नाम सबसे आगे हैं. इनमें IAS आनंद वर्धन (वर्तमान में गोरखपुर VC), IAS ईशान प्रताप सिंह (विशेष सचिव CM) और IAS गौरव सिंह सोगरवाल (नगर आयुक्त गोरखपुर) शामिल हैं. इन अधिकारियों के प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें जिला स्तर की बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है.
नई तबादला नीति तैयार : तबादलों के नाम से अधिकारियों-कर्मचारियों में हमेशा बेचैनी रहती है. सिफारिशों और भ्रष्टाचार की शिकायतें भी आम हैं. इन्हें रोकने के लिए योगी सरकार ने नई तबादला नीति बनाई है, जिसे इसी महीने कैबिनेट में मंजूरी दी जा सकती है. नई नीति के मुख्य प्रावधान में पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हों तो उन्हें एक ही जिले में तैनात किया जाएगा या उनकी पसंद के अनुसार पोस्टिंग दी जाएगी.
दिव्यांगता वाले कर्मियों का कम होगा तबादला : अगर किसी अधिकारी-कर्मचारी का बच्चा गंभीर दिव्यांग है, तो उसे मनचाहा स्थान देने का विकल्प होगा. 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले कर्मियों का तबादला नहीं होगा. बाकी दिव्यांग कर्मचारियों को भी अपनी पसंद की पोस्टिंग का मौका मिलेगा. समूह ‘क’ के अधिकारियों को उनके गृह जिले में तैनात नहीं किया जाएगा. अगर पद मंडल स्तर का है तो गृह मंडल में भी नहीं भेजा जाएगा.
भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम : जिनकी सत्यनिष्ठा पर संदेह हो, उन्हें संवेदनशील पदों पर नहीं लगाया जाएगा. सरकार का मानना है कि यह नीति पारदर्शिता लाएगी, परिवारों को राहत देगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगी. नई नीति लागू होने के बाद तबादले प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित और संवेदनशील बनेगी. ब्यूरोक्रेसी में यह बदलाव यूपी प्रशासन को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.