स्वच्छता रैंकिंग में टॉप-3 का लक्ष्य, वाराणसी नगर निगम ने तेज किया विशेष अभियान

वाराणसी: स्वच्छता सर्वेक्षण की राष्ट्रीय रैंकिंग में काशी को टॉप-3 शहरों में शामिल कराने के लिए नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है. शहर की सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और जन-जन को इससे जोड़ने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की गई है.

इसके तहत पूरे नगर निगम क्षेत्र के 100 वार्डों को 204 सेक्टर में बांटा गया है. प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी शिक्षा, कृषि, चिकित्सा , सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, जल निगम, वन विभाग इत्यादि समेत विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों को सौंपी गई है.

इस महाभियान का मुख्य उद्देश्य गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स (कचरा संवेदनशील स्थानों) को समाप्त करना, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाना, गीले-सूखे कचरे को अगल करना और खाली पड़े भूखंडों की मुस्तैदी से सफाई करना है.

महापौर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में काशी से ही पूरे देश में स्वच्छता का संदेश दिया था. हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनके इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाएं.

इस बार काशी को स्वच्छता रैंकिंग में हर हाल में टॉप-3 में लाना है. महापौर ने अपील की है कि हमें महज 15 दिन तक हर रोज तीन-चार घंटे का समय इस अभियान को देना होगा.

कंट्रोल रूम से लिया जाएगा फीडबैक: नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि अभियान की निगरानी के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से सीधे फीडबैक लिया जाएगा. वाराणसी को गार्बेज फ्री सिटी बनाने के लिए शहर में 14 ट्रांसफर स्टेशन काम कर रहे हैं और 10 नए स्टेशन बनाए जा रहे हैं.

अब नव विस्तारित वार्डों में भी कूड़ा उठान शुरू कर दिया गया है. जो लोग समझाने के बाद भी नियम नहीं मानेंगे, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा. उन्होंने आम जनता से भी अपील है कि जहां भी गंदगी दिखे, उसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके.