सीएम योगी बोले- प्राकृतिक खेती ही विकसित भारत की नींव, पेस्टिसाइड और यूरिया का कम करें उपयोग

कानपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार 18 जून को कानपुर दौरे पर पहुंचे. यहां उन्होंने चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला 2026’ में हिस्सा लिया. इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि प्राकृतिक खेती ही स्वस्थ और विकसित भारत की प्रगति का आधार है. अपने करीब 24 मिनट के संबोधन में सीएम ने 500 से अधिक किसानों से बात की और उन्हें प्राकृतिक खेती के लाभ बताएं

‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला 2026’ को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने देश के अन्नदाताओं से कहा है कि वह पेस्टिसाइड और यूरिया का कम से कम उपयोग करें. इसमें उनकी लागत अधिक होती है, जबकि प्राकृतिक खेती और गौ आधारित खेती में किसान जिन फसलों का उत्पादन करेंगे, वह पूरी तरीके से जहर मुक्त होगी और उससे वो अपने परिवार के साथ स्वस्थ जीवन जी सकेंगे.

सीएम योगी ने यह भी कहा कि प्राकृतिक खेती करते ही किसानों को प्रति एकड़ 10 से 15 रुपये का सीधा लाभ होता है, जो उनकी समृद्धि का एक बड़ा कारक बन सकता है. उन्होंने बताया कि साल 2004 से लेकर 2014 तक देश के अंदर लाखों किसानों ने तमाम कारणों से आत्महत्याएं की हैं, लेकिन जैसे ही पीएम मोदी ने देश का नेतृत्व संभाला उसके बाद किसानों के आत्महत्या करने की दर में बहुत अधिक कमी आ गई है.

सीएम योगी ने यह भी कहा कि मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश में गंगा किनारे के 27 गांव में गांव आधारित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. बुंदेलखंड के कई जिले हैं, जहां पर डबल इंजन की सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है. सीएम ने कहा कि हम अन्नदाताओं की हर मदद करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने गोवंश के आंकड़ों को लेकर भी जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश के अंदर 7700 गौशालाओं में 14 लाख गौवंशों की देखरेख की जा रही है.
इस दौरान सीएम योगी ने केंद्र और राज्य सरकार की तमाम किसान संबंधी योजनाओं की जानकारी साझा की और कहा कि किसानों को इसका लाभ भी लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन है कि देशवासी क्वालिटी ऑफ लाइफ पर अपना पूरा फोकस रखें.